युवा संवाद में युवाओं ने उठाये ज्वलंत प्रश्न।

 

स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर म्याणी गांव में आयोजित किया गया कार्यक्रम

युवाओं के नायक स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर जौनपुर, टिहरी गढवाल के म्याणी गांव में युवा शिविर में युवा संवाद का कार्यक्रम किया गया। जिला पंचायत सदस्य टिहरी अमेन्द्र बिष्ट के संयोजन से आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय अध्यापकों,जनप्रतिधियों समाजसेवियों, युवाओं एवं राजकीय इंटर काॅलेज म्याणी(जाखधार) के राष्ट्रीय सेवा योजना के 50 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ताओं में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी दयाल सिंह बिष्ट ने कहा कि युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज के सभी वर्गो के लागों को सर्वशिक्षा के अधिकार का संदेश दिया था ।उन्होनें ने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में लक्ष्य बनाना आवश्यक है ताकि जीवन में सफलता का श्रृजन हो सके। युवा अध्यापक अमित सजवाण ने युवाओं से आवाह्न किया किया कि हमें सोचना जरूरी ही है। जब हम किसी लक्ष्य के बारे में सपना देखेगें तभी वह साकार हो सकता है। एनएसएस प्रभारी सुनील अग्रवाल ने कहा कि स्वामी जी ने अपने जीवन के अल्प आयु में वो काम कर दिया था जो एक आम आदमी पूरी जिन्दगी भर नही कर पाता है। उन्होनें विश्व में भारत को नई पहिचान दिलाई है। यही कारण है कि आज वे विश्व के युवाओं के प्रेरणा स्रोत है। उन्होनें कहा कि हमें विवेकानंद जी के उस वाक्य को याद रखना चाहिए जिसमें उन्होनें युवाओं से आवाह्न किया था कि उठो जागों और तब तक मत जागे रहो जब तक तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति न हो। हम सुधरेंगें तों जग सुधरेगा।

कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि ज्ञानादेवी फाउंडेसन की संस्थापक सुषमा पंवार ने कहा कि हमें स्वामी विवेकानंद जी के बतायें मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होनें युवाओं से कहा कि हमें अपने जीवन में कुछ भी बनने से पहले एक नेक इंसान बनना जरूरी है तभी सही मायने में हमारे शिक्षित होने का महत्व है। लक्ष्य हीन जिन्दगी पशुओं की जिन्दगी के समान है। हम जिस देश, समाज, में रहते है उसकें हित में सोचना चाहिए चाहे भले ही छोटे से स्तर पर क्यों न हो।

कार्यक्रम के संयोजक अमेन्द्र बिष्ट ने युवाओं को स्वामी जी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होनें कहा कि जिन्दगी में आने वाली समस्यों से दूर नही भागना चाहिए बल्कि उनका डट कर मुकाबला करना चाहिए। जीवन में उतार चढ़ाव होते रहतें है। लेकिन अगर इंसान एक लक्ष्य बनाकर यह ठान ले कि यह कार्य मुझे करना ही करना है तो उसे दुनिया की कोई ताकत डिगा नही सकती है।

युवा संवाद के दौरान एनएसएस के युवा छात्र छात्राओं ने जवंल्त मुददों पर सवाल किये। जिसमें शिक्षको का स्थानीय होना फायदे मंद है या नही?हम अपने बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में ही क्यों पढना चाहते है?प्राथमिक शिक्षा में सुधार कैसे हो?शिक्षा को रोजगार से कैसे जोडा जाय?शिक्षा पद्वित में सुधार कैसे हो ताकि पलायन को रोका जा सकें? सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का बच्चों की पढाई में ध्यान क्यों नही रहता है?आदि कई सवाल उठाये गये जिनका कार्यक्रम में आये वक्ताओं ने एक -एक कर जवाब दिया।

समाजसेवी व युवा नेता अनिल कैन्तुरा ने म्याणी गांव में युवाओं के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एनएसएस के अधिकारी व जिला पंचायत सदस्य अमेंन्द्र विष्ट का विशेष धन्यवाद किया और साथ ही वक्ताओं और कार्यक्रम में पधारे गणमान्य व्यक्तियों का भी धन्यवाद किया ।

कार्यक्रम के दौरान सरोजनी कैन्तुरा ग्राम प्रधान म्याणी, विपिन पंवार संचालक,लाखी राम चौहान पूर्व प्रधान,मनोज राणा,बाॅवी पंवार,सूरज सिंह सजवाण,गजेन्द्र रमोला,डाॅ.गंभीर सिंह रावत,के एस रमोला अध्यक्ष लोक विकास संगठन म्याणी,गरीब दास क्षेत्र पंचायत सदस्य। आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।