योग शिक्षकों का शिक्षामंत्री को ज्ञापन, पीएम व सीएम को भेजा खून से लिखा पत्र ।

योग शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को शीध्र नियुक्ति की मांग का ज्ञापन सौपा।2007 से लगातार अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे योग शिक्षकों ने सरकार पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया।
योग प्रशिक्षित महासंघ के अध्यक्ष डाॅ राकेश सेमवाल ने बताया कि अभी तक की सरकारें लगातार नियुक्ति का आश्वासन देकर योग शिक्षको के साथ छलावा कर रही है।उन्होंने बताया कि 2010,14,16 में कैवनेट में प्रस्ताव के बाद भी अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हो पायी है। नियुक्ति न होने से हजारों योग शिक्षकों की अधिकतम आयु सीमा पार हो रही है। अध्यक्ष सेमवाल ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि योग शिक्षा को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के तौर पर सामिल किया जाय और योग शिक्षकों की शीध्र नियुक्त की जाय।

योग शिक्षकों ने 12 फरवरी को खून से लिखा हुआ पत्र प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत  को भेजा ।जिसमें  तुरंत नियुक्ति की मांग की गई, और चेताया कि  यदि 10 दिन में  इसमें कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो उग्र आंदोलन से लेकर आत्मघाती कदम उठाया जायेगा।1 से 7 मार्च  तक सरकार द्वारा  मनाये जाने वाले योग दिवस का पुरजोर विरोध किया जायेगा साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का पुरजोर विरोध भी किया जायेगा।

इस दौरान सभी डिप्लोमा /डिग्री धारी योग शिक्षक मौजूद रहे।