महिला पशु चिकित्साधिकारी ने वन विभाग के आला अफसरों पर लगाये उत्पीडन के गंभीर आरोप

अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां देश व प्रदेशभर में महिलाओं का हर जगह सम्मान किया जा रहा है। वही राजाजी टाईगर रिर्जव में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डाॅ अदिति शर्मा ने वन विभाग के चीफ वाईल्ड लाइफ वार्डन जे.एस सुहाग व राजा जी टाईगर रिर्जव के डायरेक्टर डी के सिंह व पूर्व पीसीसीएफ रंजना काला पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। डाॅ. अदिति शर्मा का कहना है वन विभाग के इन अधिकारियों ने उन्हें उनके मानकों के अनुसार जानवरों का उपचार नहीं करने ंिदया। और बिना मानकों व बिना शासनादेश के ही उनकों राजाजी टाईगर रिर्जव से हटाकर पशुपालन विभाग में ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले इस मामले को वन सचिव आनन्दवर्धन व पीसीसीएफ राजीव भरतरी समेंत कई अधिकारियों के संज्ञान में डाला लेकिन उनकी कही भी सुनवाई नहीं हो पाई।

इस मामले में वह वन मंत्री हरक सिंह रावत व वन पंचायत के अध्यक्ष वीरेन्द्र बिष्ट से भी मिले जिन्होनें अधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा लेकिन वन विभाग के आला अधिकारी इतने अराजक हो गये कि जिम्मेदार वन मंत्री और राज्य मंत्री की बातों को भी अनसुना कर दिया। मामले का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया है। जिस पर अब उन्हें न्याय की उम्मींद है। डाॅ अदिति ने पूर्व पीसीसीएफ रंजना काला को भी इस उत्पीड़न के लिए दोषी माना हैं।

चीफ वाईल्ड लाईफ वार्डन जे.एस सुहाग पर उन्होेनें मनामाने तरीके से मानकों के विरूध निर्णय लेने के भी आरोप लगाये हैं। डाॅ अदिति ने बताया कि हाॅल ही में राजाजी टाईगर रिर्जव के दूसरे हिस्से में विस्थापित किये गये टाईगर के रेडियों काॅलर निकल जाने और बिना कोबिड टेस्ट के ही टाईगर को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया। क्योंकि मैं जंगली जानवरों के लिए बनाये गये मानकों के अनुसार काम कर रही थी लेकिन जे एस सुहाग को यह सब पंसद नही था इसलिए पिछले कई महीनों से काम करने नहीं ंिदया जा रहा था। मेरी मौजूदगी में मेरे से 10 साल जूनियर और कम अनुभव वाली डाॅ अरोड़ा को राजाजी टाईगर रिर्जव का नोडल पशु चिकित्साधिकारी बनाया गया जबकि मै न तो अवकास पर थी और नही मेरा स्थानांतरण हुआ था,बाद में मेरे आॅफिस सहायक व गाडी तक मुझ से बिना किसी मानक के छीन ली गई जिससे उन्हें बहुत मानसिक पीड़ा पंहुची है।डाॅ अदिति का कहना हैं कि, वन अधिकारियों द्वारा मेरे साथ किये गये मानसिक उत्पीड़न की सजा उन्हें मिलनी चाहिए।

वही सी ओ सिटी प्रथम शेखर सुयाल का कहना कि तीन अधिकारियो को समन भेजे गये है।पीड़ित महिला पशुचिकित्साधिकारी डाॅ अदिति शर्मा के बयान दर्ज कर लिए गये है जल्द तीन अधिकारियों के बयान लेकर जांच को आगे बढाया जायेगा। जांच में जो भी सामने आयेगा उसकी रिपार्ट एसएसपी को दी जायेगी।