अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन ने अपने अधिकारों को लेकर किया गोष्ठी का आयोजन.

बीते दिनों वाईल्डलाइफ फस्ट,नेचर कंजर्वेशन सोसायटी और टाईगर रिसर्च व कंजर्वेशन टेस्ट द्वारा दी गई याचिका के उपर उच्चतम न्यायालय ने लाखों वन आश्रित समुदाय को जंगल क्षेत्र से विस्थापन का फैसला सुनाया गया था। जिससे अब वनाश्रित परिवारों पर खतरा मंडराने लगा है।

इसी विषय को लेकर अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन ने देहरादून स्थित प्रेस क्लब में एक गोष्ठी का आयोजन कर अन्य राज्यों की तरह इसे उत्तराखंड में लागू करने की मांग की है। आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 राज्य की सरकारों को निर्देसित किया है कि 12 जुलाई 2019 तक अपनी रिपोर्ट पेश किये जाने को कहा गया था।सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार 12 जुलाई 2019 के इस नियम के तहत लाखों वनाश्रित लोगों के उनके निवास से उजाड़ दिया जायेगा।

-भानु प्रकाश नेगी