मतदान के प्रति क्यों लापरवाह है युवा मतदाता .

लोकतंत्र में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यह भूमिका किसी भी देश के लिए तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब उस देश में 65 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता युवा हो।भारत जैसे बडे लोकतंत्रिक देश में अक्सर युवा मतदान के प्रति लापरवाह नजर आता है चाहे वह किसी भी वर्ग से हो.
बीओ-65 प्रतिसत से भी ज्यादा युवाओं वाले लोकतंत्रिक देश में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। बात अगर मतदान में युवाओं के प्रतिसत की जाय तो निरासा नजर आती है। वोट के प्रति युवाओं का रूझान ना के बराबर व लापरवाह होने के पीछे क्या वजह है…..यह बात जानने की जब हमने कोशिस की तो युवाओं  का साफ तौर पर कहना था कि स्कूल व कॉलेज स्तर पर युवाओं के लिए जागरूगता कार्यक्रमों की कमी की वजह से युवा वोटिंग के प्रति लापरवाह है.कुछ हद तक जन प्रतिनिधि भी जिम्मेदार है जिनकी कथनी व करनी में अंतर होता है।जिससे खिन्न युवा मतदान के प्रति लापरवाह रहता है।
-लगातार युवाओं की बढती तादात से हमारा देश भारत युवाओं का देश बनने जा रहा है। देश के भाग्य विधाता की अपनी जिम्मेदारी से हटना युवाओं को लोकतंत्र के पर्व में भागीदार होने से दूर कर रहा है। युवाओं का कहना है कि देश की राजनीति को अब नये सिरे से बदलने की आवश्यकता है जनप्रतिनिधि की कथनी और करनी में अंन्तर नही होना चाहिए।जनप्रतिनिधि की सोच में बदलाव होगा तो तभी युवा मतदाता का रूझान मतदान की ओर ज्यादा हो पायेगा।कुछ युवाओं का मानना है कि, आज का युवा वर्ग ज्यादा समय सोशल नेटवर्क पर व्यस्त होता है,मतदान के महत्व के प्रति जागरूक न होने के कारण भी युवा लोकतं. के महापर्व के प्रति लापरवाह  है।
देश के सबसे बडे लोकतंत्र में युवा मतदाता मतदान के प्रति जागरूक न होने कारण पोलिंग बूथ तक जाने में कतराता है………..जन जागरूकता की कमी और वर्तमान समय में बदलती राजनीति के स्वरूप से भी वह काफी खिन्न नजर आ रहा है……….साथ ही सोशल मीडिया के बढते कु-प्रभाव ने भी उसे लापरवाह बना दिया है…….अब देखने वाली बात यह होगी कि 2019 में युवा मतदाता इस मिथ्या को तोड पाता है या नही।
भानु प्रकाश नेगी,देहरादून।