उत्तराखंड में ग्लेशियर और जल संसाधन प्रबन्ध में रिमोट सेंसिंग और जी आई एस के अनुप्रयोग” विषय पर यूसैक के वैज्ञानिकों द्वारा अगस्त्यमुनि में कार्यशाला का आयोजन।

उत्तराखंड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र यूसैक द्वारा एक दिवसीय जिला स्तर कार्यशाला अगस्त्यमुनि स्थित पी जी कॉलेज में आयोजित की गयी।
कार्यशाला में ” उत्तराखंड में ग्लेशियर और जल संसाधन प्रबन्ध में रिमोट सेंसिंग
और जी आई एस के अनुप्रयोग” विषय पर यूसैक के वैज्ञानिकों द्वारा डिग्री कॉलेज व इंटर कॉलेजों से आये हुए विज्ञान वर्ग के बच्चों को जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम के मुख्य अथिति एडीएम रुद्रप्रयाग गिरीश गुणवंत व यूसैक निदेशक प्रो. एम पी एस बिष्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेमिनार का शुभारम्भ किया गया।
यूसैक निदेशक श्री बिष्ट ने यूसैक द्वारा केन्द्र सरकार के कार्यों पर किये जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
डा. आशा थपलियाल, शशांक लिंगवाल, व डाॅ. नीलम रावत ने ग्लेशियर और जल संसाधन प्रबन्ध में रिमोट सेंसिंग और जी आई एस के अनुप्रयोग पर व्याख्यान दिया। और जीपीएस की हैण्डस ऑन ट्रेनिंग दी गयी।
कार्यक्रम में यूसैक के श्री आर एस मेहता, देवेश कपरुवान, सौरभ ड़ंगवाल,गौरव चमोली, मनीष रावत, गोविन्द सिंह नेगी, विकास पैन्युली, सामजिक कार्यकर्ता गम्भीर सिंह बिष्ट समेत कई विभागों के प्रतिनिधि व विद्यालयों के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी मौजूद थे।