आम जनता की लापरवाही से फैल रहा है कोरोना

 


विश्व भर में पांव पसार चुका खतरनाक कोरोना वायरस भारत में तेजी से फैलता जा रहा है।दिन प्रतिदिन बढते कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई लोगो की जान जा रही है।तेजी से फैलते इस खतरनाक वायरस ने एक ओर भय का माहौल बनाया हुआ है वही दूसरी ओर भारत समेत विश्वभर की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया हैं।विश्व भर में करोड़ो लोग बेरोजगार हो गये है।आम जनता पर लगातार मंहगाई बोझ बढता जा रहा है।देशभर में लाॅकडाउन खुलने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढोत्तरी देखने को मिल रही है।

उत्तराखंड में भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा लगतार बढता जा रहा है।दिन प्रतिदिन संक्रमण के नये रिकार्ड सामने आये है। साथ ही एक माह में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है।स्वास्थ्य विभाग की माने तो संक्रमण बढने का कारण बाहरी राज्यों से आने वाले लोग है साथ ही कोरोना टेस्टिंग बढ़ने से आंकड़ों में बडोत्तरी दर्ज की जा रही है। वही कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि आम जनता की लापरवाही से कोराना संक्रमण बडता जा रहा है। अब सोशल डिस्टेंसिग का पालन नही हो पा रहा है,लोग मास्क पहनने में भी लापरवाही कर रहे है।जिससे अब यह समाज में फैल चुका है,जिससे बचना काफी नामुकिन सा लगता है। उत्तराखंड का स्वास्थ्य महकमा फैलते कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए रेपिड टेस्ट करवाने की कवायद में है। स्वास्थ्य महानिदेशक अमीता उप्रेती के अनुसार रेपिड टेस्ट वाई सी एम आर की गाईड लाईन के अनुसार किया जा रहा है जो पूरी तरह से भरोसे मंद है।लेकिन पिछले दिनों कई क्षेत्रों में रेपिड टेस्टिंग को लेकर लोगों ने कडी आपित्त जतायी थी जिसमें लोगांे साफ तौर पर कहा था कि इस टेस्टटिंग पर हमारा कोई भरोसा नहीं है।ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य महकमें द्वारा की जा रही रेपिड टेस्टिंग सवालों के घेरे में आ गई है।

दून मेडिकल काॅलेज के मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डाॅ नारायण जीत का कहना है कि आम जनता की लापरवाही के कारण अब यह वायरस समाज में फैल चुका हैं।जिससे एक ही परिवार के कई लोग कोरोना पाॅजिटिव पाये जा रहे है।अधिक मरीज होने के कारण अब अस्पताल में उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जा रहा है जिनकी स्थिति खराब है या वे पहले से ही गंभीर रोगों से ग्रसित है। अगर कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करना है तो इसके लिए अब स्यंम ही जागरूक रहना पडेगा,सोशल डिस्टेसिंग और मास्क का सख्ताई से प्रयोग करना होगा।

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक ओर जहां अभी तक स्कूल काॅलेज नहीं खुल पाये है वही देशभर में आयोजित होने वाली मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षायें नहीं हो पाई है। जिससे छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।वही रोजमर्रा की मजदूरी व रोज कमाकर खाने वालो पर संकट बना हुआ है। कोरोना वायरस कब देश से जायेगा यह कहना अभी से बहुत कठिन है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी होगी।सिर्फ शासन और प्रसाशन के भरोसे रह कर कोरोना वायरस से जंग लडना नामुकिन है।


भानु प्रकाश नेगी,देहरादून