उपनल कर्मचारी महासंघ आंदोलन को भूतपूर्व सैनिक संगठनों का समर्थन

उपनल कर्मचारियों के धरने के 43वें दिन भूतपूर्व सैनिक संगठनों द्वारा उपनल कर्मचारियों की द्वारा की जा रही अनदेखी को सैनिकों की अनदेखी बताते हुए पूर्व में दिए गए नैतिक समर्थन को अब इस हड़ताल में बैठकर पूर्ण समर्थन देने को कहा गया.

उपनल कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड के बैनर तले गत 22 फरवरी 2021 से प्रदेश अध्यक्ष श्री कुशाग्र जोशी के नेतृत्व में एकता विहार लेन नंबर 15-16 सहस्त्रधारा रोड़ स्थित धरना स्थल के साथ-साथ विभिन्न जनपदों एवं सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में भी धरना जारी रहा।
भूतपूर्व सैनिक संगठनों द्वारा विगत 43 दिनों से आंदोलनरत सैनिक आश्रितौं व राज्य कर विभाग से निकाले गए कुल 59 उपनल कर्मचारियों की बहाली न करने पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो पूर्व सैनिकों को भी आंदोलन में बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

दूसरी ओर उपनल कर्मचारी महासंघ के उड़न दस्ते द्वारा विभिन्न विभागों में की गई छापेमारी में या खुलासा हुआ है कि अधिकांश विभागों में उपनल के माध्यम से प्रायोजित कर्मचारियों द्वारा आंदोलन में भी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कराई जा रही है और कार्यालय में हो में भी उपस्थिति दर्ज करवाया कर वेतन आहरित कराया जा रहा है।

साथ ही विभिन्न जनपदों से भी उपनल कर्मचारियों के आने का सिलसिला जारी है। हल्द्वानी में राज्य कर विभाग से बाहर निकाले गए उपनल कर्मचारियों को निरंतर बरगलाने किए जा रहे प्रयासों को संबंधित कर्मचारियों द्वारा नकारते हुए उपनल कर्मचारी महासंघ के बैनरआंदोलन में सम्मिलित होने हेतु देहरादून के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।

धरने में मुख्य संयोजक आंदोलन महेश भट्ट, महामंत्री हेमन्त रावत, विनोद गोदियाल, दीपक चौहान, विजय राम खंखरियाल, विपिन सवाल, भावेश जगूड़ी, हरीश कोठारी, हरीश पनेरु, दीवान सिंह, अमित लाल, रविंद्र सिंह बिष्ट, ललित नेगी, कमलेश्वर कंसवाल, बृजकिशोर त्यागी, विनय कुमार, विनय प्रसाद, विवेक भट्ट, बहादुर सिंह भाकुनी, हिमांशु जुयाल, तरपन सिंह चौहान, कपिल डोभाल, राकेश राणा दीपक भट्ट, मुकेश नेगी, विमल गुप्ता, राहुल राणा, नीमा, वंदना, सरस्वती, रश्मि, मनीषा, अनमोल, के साथ-साथ विभिन्न जनपदों से आए अनेक उपनल कार्मिक उपस्थित रहे।