दीवाली पर उल्लू की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग ने कसी कमर

दीपावली के आते ही वन तस्कर उल्लू की तस्करी के लिए सक्रिय हो जाते है। इस तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग ने कमर कस दी है।वही दून जू में भी आजकल सुरक्षाकर्मी की संख्या में इजाफा किया गया है साथ ही रात की गस्त बडा दी गई है।क्षेत्राधिकारी दून जू एम एम  बैजवाण का कहना है कि पहले यहां पर जू की सुरक्षा के लिए 7 वनकर्मी थे लेकिन आजकल इनकी संख्या में इजाफा किया गया हैं।आपको बता दे कि उल्लू को महालक्ष्मी का वाहन माना जाता है और हिन्दुधर्म में दीपावली के दिन उल्लू की पूजा करने से धन बैभव की प्राप्त की मान्यता हैं।  इसलिए उल्लू की तस्करी कर तस्कर धन कमातें है। वही वन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि उल्लू की तस्करी करने वालों को किसी भी हालत में वक्सा नहीं जायेगा,अगर कोई उल्लू की तस्करी करता हुआ पकडा गया तो उस कडी कार्यवाही के साथ कठोर सजा का प्रविधान रखा गया है। गौरतलब है कि उल्लू को किसान का मित्र माना जाता है। क्यों कि एक बिल्ली जितने शिकार सात दिन में कर पाती है उतने चूहे एक उल्लू एक ही रात में खा जाता है।