“उड़ान” स्कूल मायाकुंड में धूमधाम से मनाई सन्त शिरोमणि रविदास जयन्ती

 ऋषिकेश :-निःशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल मायाकुंड में सन्त शिरोमणि रविदास जयन्ती की धूमधाम से मनाई गई।स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम मेंस्कूली बच्चो द्वारा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए।इस अवसर पर स्कूल के निदेशक डॉ राजे नेगी ने बताया कि गुरु रविदास के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रविदास जयंती मनाई जाती है।

वर्ष 2018 में रविदास जी की 641 वीं जयंती मनाई जा रही है। वाराणसी के गोवर्धनपुर में श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर में इस दिन को पर्व के रुप में मनाया जाता है। रविदास का जन्म 14 वीं शताब्दी में वाराणसी के एक चर्मकार परिवार में हुआ था। रविदास जी ने पहले बौद्ध, सिख और हिंदू धर्म को अपनाया था। निर्गुण सम्प्रदाय के इन्हें प्रसिद्ध संत माना जाता था। रविदास जी ने भक्ति आंदोलन का उत्तर भारत में नेतृत्व किया था।रविदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अपने अनुयायियों, समाज और देश के कई लोगों को धार्मिक और सामाजिक संदेश दिया था। मुख कहावते हैं कि भगवान ने धर्म की रक्षा करने के लिए रविदास को धरती पर भेजा था।

संत कुलभूषण कवि संत शिरोमणि रविदास उन महान सन्तों में अग्रणी थे जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान किया। इनकी रचनाओं की विशेषता लोक-वाणी का अद्भुत प्रयोग रही है जिससे जनमानस पर इनका अमिट प्रभाव पड़ता है। मधुर एवं सहज संत शिरोमणि रैदास की वाणी ज्ञानाश्रयी होते हुए भी ज्ञानाश्रयी एवं प्रेमाश्रयी शाखाओं के मध्य सेतु की तरह है।प्राचीनकाल से ही भारत में विभिन्न धर्मों तथा मतों के अनुयायी निवास करते रहे हैं।

इन सबमें मेल-जोल और भाईचारा बढ़ाने के लिए सन्तों ने समय-समय पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे सन्तों में शिरोमणि रैदास का नाम अग्रगण्य है। वे सन्त कबीर के गुरूभाई थे क्योंकि उनके भी गुरु स्वामी रामानन्द थे। इस अवसर पर स्कूल की शिक्षका दिव्या सक्सेना, निधि वर्मा, प्रियंका कुकरेती, प्रिया क्षेत्री, दीप्ति पन्त, ऋचा रावत, मंजू देवी, रमेश लिंगवाल  उत्तम असवाल उपस्थित थे।