ट्यूलिप की खेती से खिलेगा राज्य का पर्यटन

भानु प्रकाश नेगी

देहरादून- उत्तराखंड की अपनी नैंसगिक सुन्दरता और शुद्व आवोहवा के लिए देश और दुनियां में प्रसिद्व है। यहां पर समय समय पर प्राकृतिक तौर पर असंख्य फूल खिलते है।वही खास तौर पर कश्मीर की आवोहवा में फलने फूलने वाला बेहद खूबसूरत टूयुलिब का फूल अब उत्तराखंड में खेती के तौर पर उगाया जायेगा। हॉल ही मैं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पिथौरागढ जिले में पर्यटन विभाग के सहयोग से ट्यूलिप की खेती को करने का निर्णय लिया है जिसके लिए काफी धन भी उपलब्ध कराया गया है। वही उद्यान विभाग के निदेशक आर के श्रीवास्तव का कहना है कि टूयुलिब को उत्तराखंड में प्रोत्साहन देना शुरू कर दिया है। जिसका राजभवन में ट्रायल भी दिया गया,जिसके परिणाम काफी अच्छे देखने को मिले है। सामान्य रूप से यह सात सौ मीटर से दो हजार मीटर की उॅचाई तक उग पाता है।


गौरतलब है कि आने टुयुलिब के फूलों के लिए 700 से लगभग 1500 मीटर की उंचाई व कम तापमान सही रहता है।जिसमें यह खूबसूरत फूल अच्ची तरह से खिलता है।इस फूल की बाजार में कम से कम एक बल्क की कीमत 55 से 60 रूपये होती है।और यह कम से कम 25 से 30 दिनों तक खिलता है।गर्मी में इस फूल के खराब होने की संभावनायें ज्यादा होती है इसलिए इसे ठंण्डे स्थानों पर रखा जाता है।
पर्यटन विभाग के सहयोग से लगभग 50 करोड़ रूपये की लागत से पिथौंरागढ़ जिलें में तैयार किये जाने वाला यह प्रोजेक्ट,जल्द धरातल पर उतारने की कवायाद शासन में चल रही है। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इस प्रोजेक्ट से राज्य में पर्यटन के राज्य सरकार की आमदनी में भी इजाफा होना तय है।