डॉ अजीत गैरोला से जाने TB के भूत(वायरस) को भागने का तरीका.

-हर हाल में टीबी के भूत(वायरस)को भारत से भगाना है-डाॅ अजीत गैरोला।
टीवी रोग को भारत से हटाने के लिए जन जागरूकता की आवश्यक-डीजी हेल्थ।
रोटरी क्लब देहरादून सैन्ट्रल और कोरोनेशन अस्पताल के सहयोग से वरिष्ठ फीजिशियन डाॅक्टर अजीत गैरोला ने टीबी उन्मूलन के लिये एक कार्यक्रम का आयोजन करवाया।
बतौर मुख्य अतिथि अर्चना श्रीवास्तव और उद्योगपति डाॅ. एस.फारूख (विशिष्ठ अतिथि)ने कार्यक्रम में शिरकत की। कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डाॅ.एल.सी पुनेठा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत में टीबी प्रमुख रोगों में से एक है जिससे हर साल लगभग तीन लाख पचास हजार लोगों की मौत हो जाती है। यह शरीर के बाल और नाखूनों को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है इनमें से सबसे खतरनाक फेफड़ों की टीबी होती है धूम्रपान,तम्बाकू का सेवन और संक्रमित व्यक्ति के संर्पक इसका प्रमुख कारण है। इस कार्यक्रम के उन्मूलन के लिए सरकारी और गैर सरकारी संस्थायें के लिए कई समाजसेवी भी काम कर रहे है। जो एक सराहनीय प्रयास है। इसे जड़ से मिटाने की आवश्कता है जिसके लिए जन जागरूकता की आवश्यकता है।
वही कार्यक्रम के संयोजक डाॅ अजीत गैरोला चित्र स्क्रीनिंग के द्वारा टीबी के भूत को भगाने का तरीका बडे सरल अंदाज में समझाया। उन्होनें ने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी होती है तो उसे अवश्यक रूप से अपने बलगम की जांच करनी चाहिए। टीबी से संक्रमित एक व्यक्ति कम से कम 10 लोगों को संक्रमित कर देता है और यह आंकडा साल भर में उंॅचे स्तर पर पंहुच जाता है। टीबी का पूरे समय तक दवा लेने आवश्यक है। आधे समय दवा लेने वाले व्यक्ति की बीमारी काफी गंभीर हो           जाती है जिससे वह दूसरे व्यक्ति के संक्रमित होने का डर बना रहता है।टीबी का पक्का ईलाज समय पर दवा लेना और पूरी खुराक लेने से होगा। उन्होनें कहा कि जब भी किसी भीड़ वाली जगह पर जाय तो कम से कम एक हाथ का फैसला रखना चाहिए,साथ ही सभी लोगों को खांसते और झींकते वक्त कपडा मुहूं और नाक पर लगाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में बतौर गेस्ट आॅफ आॅनर डाॅ. एस फारूख ने शायरना अंदाज में अपनी बात कम शब्दों में बजन दार तरीके से रखी। उन्होनें कहा कि यूं तो हमारा देश दुनियां में कई अच्छी बातों के लिए जाना जाता है लेकिन कई ऐसी चीजें है जिनके लिए बदनाम भी हैं जिसमें सबसे ज्यादा अशिक्षित और टीबी जैसे बीमारियों के मरीज  हमारे देश में आज के आधुनिक युग में भी मौजूद है।उन्होंने ने कहा कि यह बीमारी सबसे अधिक गति से फैलती है। क्यांेकि हमारे झींकने की रफतार 160 किलामीटर प्रति धंटे की होती है।डाॅ फारूख ने कहा कि हमें प्रकृति के साथ चलना चाहिऐ और प्राकृतिक चीजों को अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए,नीम,गिलोय,आंवला,जामुन,आदि रोग प्रतिरोधक चीजों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि हम  अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाये रख सकें।
स्वास्थ्य महानिदेशक अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि टीबी जैसे रोगों का इलाज होते हुऐ भी हमारे देश में  हर दो मिनट में इस बीमारी से एक व्यक्ति दम तोड़ देता है।इस रोग को रोकने में सबसे मुसकिल डिफोल्टर रोगी साबित हो रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है जिसमें जन जागरूकता और जनता का सहयोग जरूरी है। जिस तरह पोलियों मुक्त भारत बन गया है उसी तरह से भारत को टीबी मुक्त भारत बनाना है। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक डाॅ अजीत गैरोला की जमकर तारिफ की। साथ ही महिलाओं और बच्चों के लिए खुद के संसाधनों से गरीबों  के  लिए मल्टीविटामिन्स और आयरन फोलिक एसिड की गोलीयों का शिविर लगाकर वितरण कार्य कर रहे समाज सेवी जाॅन गिडोयन की भी जमकर तारिफ की।
कार्यक्रम संयोजक डाॅ गैराला ने हिमवंत प्रदेश न्यूज के मुख्य संपादक भानु प्रकाश नेगी की सामाजिक और सकारात्मक पत्रकारिता के लिए जमकर तारीफ की। उन्होनें कहा कि आज के समय में जहां पीत पत्रकारिता तेजी से बढती जा रही है वही कुछ पत्रकार समाज में हमेसा सकारात्मक और समाज सेवा भाव से काम कर रहे है।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि डाॅ अंजली नौटियाल डायरेक्टर एनएचएम,डाॅ एस जी सेठी,आइ एम ए अध्यक्ष, कर्नल मनोज गुप्ता,संजय सेठी,राहित  गुप्ता,डाॅ सुधीर जाॅली समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।