रूद्रप्रयाग में स्यंमसेवी संस्था की मदद से स्वरोजगार के लिऐ महिलाओं ने दिखाया सरकार को आयना।

 रूद्रप्रयाग बुढना मे फ्रैंड आफ हिमालय व आजिविका संस्था के सहयोग से संयुक्त रूप से महिला समूहों को रिगाल व बांस की टोकरिया बुनने का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण तीन दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग समूहों को टोकरी बुनने का प्रशिक्षण दिया गया। फ्रैंड आफ हिमालय की तरफ़ से प्रशिक्षण कार्यक्रम के टीम लीडर बिजय जुयाल ने बताया कि हमारी संस्था का मकसद हर महिलाओं को अपनी आजिविका को चलाने हेतु प्रेरित करना है।ताकि ये विभिन्न प्रकार की टोकरिया बुन कर समाज के अंदर अपनी कलाकारी का प्रदर्शन कर सके। उन्होंने ये भी बताया कि जो टोकरिया बुनी जायेंगी उन टोकरियो का इस्तेमाल केदारनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए प्रसाद लाने ले जाने मे प्रयोग किये जायेंगे।

इससे पूर्व संस्था के द्वारा महिलाओ को धूपबती व हवन सामग्री बनाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। संस्था का मकसद प्रत्येक गाँव मे महिलाओं को अपने जीवन यापन करने हेतु बुनाई का संकल्प लिया है। ताकि वे अपना व अपने परिवार के लिए रोजी रोटी कमा सके। तथा मुख्य उद्देश्य आय मे बृद्धि करने का भी है।महिला समूहों को प्रशिक्षण दिलवाने के लिए मनसूना से प्रेम लाल को बुलाया गया था।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 40 महिलाओं ने प्रति भाग किया इस मौके पर महिला समूह की कविता नेगी, पूजा देवी तथा गंभीर सिंह पंवार, योगेश गौड़ आदि मौजूद थे।

-रामरतन पंवार जखोली