रंग मेहनत लाई वरिष्ठ उद्योगपति डाॅ. के.एस.पंवार की मेहनत,बेरोजगारों को मिली स्व-रोजगार की प्रेरणा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आद्यौगिक सलाहकार एवं वरिष्ठ उद्योगपति डॉ के.एस पंवार की मेहनत रंग ला गई है।अपनी पुस्तैनी जमीन में चार साल पहले पूर्व कृर्षि मंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की सलाह पर तीन नाली जमीन पर सेब के लगभग 6000 पेड़ लगाये थे जिनमें से लगभग 1000 पेडों पर अब सेब लगने शुरू हो गये है। फलों से लकदक पेड़ों को देख डॉ पंवार बेहद खुश है और और इसे आगे विस्तारित करने पर विचार कर रहे है।

 डॉ के.एस पंवार को सीएम ने दी थी सलाह।

डॉ के.एस पंवार का कहना है कि तत्कालीन खंडूरी सरकार में कृषि मंत्री सी.एम रावत जब उनके पैत्रिक गांव गैंड़ पंहुचे थे तब उन्होनें वहां की जमीन और प्राकृतिक वातावरण को देखकर सेब के पेड लगाने की सलाह दी थी। डॉ के.एस. पंवार ने मन में सेब के बगीचे बनाने की ठानी और आज सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की सलाह कारगर साबित हुई, उसी का नतीजा है कि उनकी जमीन पर सेब के बागान स्थापित हो चुका है जिन पर अब फल लग गये है।
कई प्रजाति के सेब होगे सप्लाई स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार


डॉ के.एस पंवार के सेब के बगीचों में कई प्रजातियों के सेब के पेड लगाये गये है। जिनमे आर्गन-2,रेडस्पान,सुपर चीप और स्पर किस्म के सेब के पैधे है,आज से 4 साल पहले उन्होंने हिमाचल से सेब की पौध अपने बगीचे में लगाए थे। डॉ के.एस पंवार का कहना की सेब के पेड़ को बचाएं रखने के लिए काफी देंखभाल की आवश्यकता के साथ-साथ समय-समय पर उनको खाद पानी देने की बहुत आवश्यकता होती है जिसके लिए उन्होंने कई अनुभवी लोगों को वहां रखा हुआ है,और कई स्थानीय लोगों को सेब के बगीचों से रोजगार मिल रहा है।

टनों सेब की होगी यहां पैदावार
अगर सब कुछ ठीक रहा और तो आने वाले सालों में डॉ के.एस पंवार के सेब के बगीचे से लाखों टन सेब की पैदावार एक सीजन में हो सकेगी,एक सेब के पड़े से 25 किलो सेब पैदा होने का अनुमान है,और बगीचे 6000 हजार पेड़ है जो अंदाजा लगाया जा सकता है,कि सेब की बम्फर पैदावार बगीचे से होगी।डॉ.के.एस.पंवार का कहना कि ज्यादा तरह देख जाता है कि पहाड़ों से सप्लाई करने में दिक्कतें आती है,लेकिन उन्हें लगता है कि उनके समाने ये काई दिक्कत नहीं है।वह अपने सेब की सप्लाई मुम्मई में करेंगे।जिससे उत्तराखंड को एक नई पहचान भी मिलेगी और बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार की सीख मिलेगी।

पहाडी युवाओं व किसानों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित।

डॉ के.एस पंवार का कहना है कि जब वह सेब के बगीचें लगाने की शुरूवात कर रहे थे तब उनके मन में था यह विचार था कि वह अपने गांव के किसानों के साथ मिलकर सेब के बगीचे लगायेंगे,लेकिन फिर उनके मन में आया कि पहले मै खुद करके देखूगा और आज उनकी मेहनत रंग लाई है। क्षेत्र के स्थानीय लोग खुद बगीचों में आकर जानकारी लेते है कि उन्होनें कैसे यह सब किया। जानकारी प्राप्त कर किसान खुद प्रेरित होकर सेब की बगीचे लगा रहे है जिससे वह अपने ही घर में स्व-रोजगार प्राप्त कर अपनी आर्थिकी को बढा सकते है। जिसकी उन्हें बेहद खुशी है।डॉ. पंवार ने उचित सलाह के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को धन्यवाद व आभार जताया है।


गौरतलब है कि वरिष्ठ उद्योगपति व सोशल एण्ड पॉलीगॉन ग्रुप के चेयरमेन डॉ के.एस पंवार अपनी माटी और थाती से बेहद लगाव रखते है। उनका कुछ अलग करने का जब्बा हमेसा दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहता है।जनपद रूद्रप्रायग उखीमठ ब्लाक के एक छोटे से गांव(गैंड़)से मायानगर मुम्बई में उद्योग स्थापित करने व सोशल एण्ड पॉलीगॉन कम्पनी के अर्न्तगत 12 कम्पनियों को स्थापित करना और उन्हें सुचारू रूप से चलाने का पूर्ण श्रेय बरिष्ठ उद्योगपति डॉ के.एस.पंवार को ही जाता है। डॉ के.एस.पंवार उत्तराखंड के बडे उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों में सुमार किये जाते है।उनके कार्य अनुभवों को मध्य नजर रखते हुये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उन्हें औद्योगिक सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया है। जिसमें वह मात्र एक रूपया वेतन लेकर उत्तराखंड के उद्योग जगत में नये-नये आयामों को स्थापित कर रहे है।और युवाओं व अद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुऐ है।

 -Bhanu Prakash Negi