राज्य सरकार के खिलाफ एक सितंबर से डाॅक्टरो का आन्दोलन शुरू

कोरोना काल में डाॅक्टरों व मेडिकल स्टाॅफ का एक दिन का वेतन काटने और अस्पतालांे में मरीज की मौत के लिए सीधे तौर पर डाॅक्टरों को जिम्मेदार ठहराने समेंत कई मांगों को लेकर डाॅक्टरो ने 1 सितंबर से काली पट््टी बांधकर सांकेतिक विरोध जताने का निर्णय लिया है। प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है। प्रांतीय चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डाॅक्टर नरेश नप्चयाल का कहना है कि डाॅक्टर व मेडिकल स्टाॅफ फ्रन्ट लाईन कोरोना वेरियस होने के कारण सबसे ज्यादा रिस्क जोन में है। उपर से राज्य सरकार द्वारा डीएम विधायक व पटवारी से डाॅक्टरों को काम करने के लिए दिसा निर्देशित कराया जा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में उचित सुविधा न मिलने के कारण आये दिन मरीजों की जान चली जाती है जिसके लिए सीधे तौर पर डाॅक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह कही संे भी न्याय संगत नहीं है।इसका जमकर विरोध किया जायेगा और राज्य सरकार नहीं मानी तो 8 सितंबर को प्रदेश के सभी सरकारी डाॅक्टर सामुहिक रूप से स्तीफा देंगे साथ ही सभी स्वास्थ्य सेवायें ठप्प की जायेगी।वही चिकित्सा सघ के महासचिव डाॅक्टर मनोज बर्मा का कहना कि राज्य सरकार ने सपथ ग्रहण के समय कहा था कि राज्य में पीजी करने वाले डाॅक्टरों को पूर्ण वेेतन मिलेगा जो आज तक नहीं मिल पाया है राज्य सरकार को अपना वादा जल्द पूर्ण करना होगा।