राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का विरोध जारी

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड के कार्यकारी महामंत्री अरूण पाण्डे ने
बताया कि आज पदोन्नति में आरक्षण के सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय
द्वारा दिये गये निर्णय के आधार पर राज्य में पदोन्नति पर लगाई गई रोक को
हटाने में राज्य सरकार द्वारा की जा रही हीला-ंउचयहवाली पर सामान्य एवं
ओ0बी0सी0 कर्मचारी संघ द्वारा आहूत कार्यबहिष्कार में राज्य कर्मचारी
संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड ने ब-सजय-ंउचयच-सजयकर भागीदारी की।

श्री पाण्डे ने बताया कि आज देहरादून मंे कार्यबहिष्कार करते हुए
परेड ग्राउन्ड में एकत्र होकर सचिवालय तक आयोजित रैली प्रदेश के समस्त जनपद
मुख्यालयों में इस सम्बन्ध में आयोजित कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त
परिषद के समस्त घटक संघों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने ब-सजय-ंउचयच-सजयकर बडी
संख्या में भागीदारी की। साथ ही परिषद के पदाधिकारियों ने एक
प्रतिनिधिमण्डल के साथ जाकर मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन को ज्ञापन भी
प्रेषित किया।

श्री पाण्डे ने यह भी बताया कि परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठा0 प्रहलाद
सिंह देहरादून में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि शीघ्र
ही प्रदेश सरकार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के
अनुपालन में पदोन्नति पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो प्रदेश एक बडी
श्रमिक अशान्ति का शिकार होगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
सभा को सम्बोधित करते हुए श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि आरक्षण
सम्बन्धी विवाद को लेकर उत्तराखण्ड में एक आन्दोलन प्रारम्भ हुआ,
जिसकी परीणीति पृथक उत्तराखण्ड राज्य के रूप में हुई। अब पुनः आरक्षण से
सम्बन्धी आन्दोलन राज्य में प्रारम्भ हुआ है, जिसकी चिगांरी पूरे देश
में फैलने की पूर्ण सम्भावना है। क्योंकि अब सामान्य व ओ0बी0सी0
श्रेणी के कार्मिक एवं जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुके हैं,
जिसका परिणाम अवश्य ही दूरगामी होगा।

आज देहरादून में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में परिषद की
ओर से ठा0 प्रहलाद सिंह, नन्दकिशोर त्रिपाठी, अरूण पाण्डे, शक्तिप्रसाद
भट्ट, ओमवीर सिंह, राकेश ममगाई, गुड्डी मटुडा, अंजू बडोला,
रेणु लाम्बा, जगमोहन सिंह नेगी आदि कर्मचारी नेताओं के साथ-ंउचयसाथ
विभिन्न घटक संघों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने भागीदारी की।