इस शिक्षाधिकारी को नहीं है शिक्षक दिवस के कोई मायने

प्रदेश में सरकारी शिक्षा की हालत किसी से छुपी नहीं है।इसके लिए कहीं न कहीं शिक्षा अधिकारी भी दोषी है। शिक्षा अधिकारी अपने कत्तब्यों के प्रति कितने लापरवाह है इसकी झलक शिक्षक दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजपुर रोड़ के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि  पंहुची उप- शिक्षा अधिकारी रायपुर मोनिका बम ने पेस की।

स्कूल के प्रधानाचार्य  के उद्वोधन के बाद उप शिक्षा अधिकारी को बच्चों के प्रोत्साहन के लिए दो बचन कहने को कहा गया तो काफी समय तक मेडम फोन पर बातें करती रही और बच्चे इनका मुहूं ताकते रहे, जब वह अपनी सीट से नही उठी और बाते करती रही तो अन्य मंचासीन अतिथि भी एक एक कर खिसकने लगे।तब भी ये महोदया फोन पर बतयाती रही,और बाद में बच्चों को संम्बोधित किये बिना ही वह बाहर आ गई। बच्चे उनको ताकते रह गये।

सवाल उठाता कि इन महोदया पर शिक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी होने के बावजूद इतने असंवेदनशील कैसे ?