शिव महापुराण कथा में शिव विवाह की झांकी ने भक्तों का मन मोहा।

-शिव विवाह की झांकी दौरान लगाये मंदिर परिसर में पेड़
-बागेश्वर महादेव मंदिर भागीरथी पुरम टिहरी में हो रहा है भब्य शिव महापुराण

  -टिहरी (गढवाल)

सुप्रसिद्व कथा वाचक आर्चाय आशीष गौड के मुखार बिन्दु से शिव महापुराण के छटे दिन शिव पार्वती विवाह की सुन्दर झांकी निकाली गई। शिव भक्ति रस में डूबे भक्तों ने जब कथा स्थल में शिव विवाह की झाकी देखी तो वह आन्नदित होकर झूम उठे।इस पावन पर्व पर आचार्य आशीष गौड़ ने मंदिर परिसर में वृक्षारोपण कर यह संदेश दिया कि हमें अपने शुभ अवसरों(शादी, जन्मदिन) पर अवश्य ही पेड लगाने चाहिये ताकि हम अपने पर्यावरण की सुरक्षा कर सके।

 शिव भक्ति से होते है सभी कष्टों और पापों का नास -आचार्य आशीष गौड़

आचार्य आशीष गौड़ ने शिव महापुराण कथा के दौरान कहा कि भगवान शिव के जैस भोला और जल्दी प्रशन्नचित होने वाला दूसरा काई भगवान नही है इसीलिए इनका एक नाम भोला भण्डारी है। एक कलस जल का शिवलिंग पर चढाने मात्र से वह खुश हो जाते है। जिससे भक्तों के सभी कष्टों व पापों का नास हो जाता है। श्रवण मास में शिव की भक्ति करने से मनुष्यों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।उन्होंने शिव महापुराण के दौरान सहयोग व सेवा दे रहे भक्तों का आभार व्यक्त किया।