युवा इन से सीखे स्व-रोजगार के हुनर

रंग लाई हरीराम राणा की मेहनत, खड्डी बुनाई प्रशिक्षण से जगाई रोजगार की उम्मीद।

//भानु प्रकाश नेगी,देहरादून//

 कुछ अलग करने की चाह इंसान को हमेसा औरों से अलग कर देती है साथ ही नेक इरादे और बुलंद हौसले हो तो मंजिल जल्द मिल जाती है।ं ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जनपद उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती विकासखंड मोरी ब्लाक फिताड़ी के हरिराम सिंह राणा नें।विकट भौगोलिक परिथितयों वाले उच्च हिमालय क्षेत्र में जहा कभी 7से आठ फीट तक वर्फवारी होती थी में ऊनी वस्त्रों का कताई और बुनाई प्रसिक्षण देकर लोगों को रोजगार के साथ साथ जीवन की आजीविका का साधन बनाया। हरिराम ने कडी मेहनत कर सन् 1988 से मोरी विकासखंड के प्रत्येक गांव में जाकर “खड्डी बुनाई प्रशिक्षण केंद्र“चलवाने शुरू कर दिये।
क्योंकि यह क्षेत्र भेड पालन के लिए जाना जाता है और अधिकतर समय शीतकाल होने के कारण यहां के लेगो का मुख्य पहिनावा कोटी,चोली,और ऊन का पयजामा है। हरिराम ने लोगों को ऊन कातने और बुनने का प्रशिक्षण दिया । अभी तक 15000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण और रोजगार दे चुके हरिराम राणा का कहना है कि अभी तक की सरकारों ने उनके इस काम मे किसी भी प्रकार से सहयोग नही किया। वर्तमान सरकार से उन्हें काफी उम्मीद है क्योकि त्रिवेन्द्र रावत सरकार का गांव के विकास व स्वरोजगार पर काफी फोकस नजर आ रहा है।
वर्तमान समय में 43 से अधिक परिवार खुद के कताई बुनाई से बने कपडे पहनते है यह सब हरिराम की मेहनत का नतीजा है।पॉलीटैक्निक उत्तरकाशी द्वारा केन्द्र को चलाने में सहायता की जाती है।
हरिराम सिंह राणा का कहना है कि मैंने 30 वर्षों से हजारों को खड्डी कताई बुनाई प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के लिए कुछ आम बजट चाहिए होता है वह ना मिलने पर मैं स्वयं शासन प्रशासन को लिखकर वहां से न्यूनतम बजट करवाता हूं। अपने क्षेत्र के गॉंवों में जाकर यह कार्य (खड्डी कताई बुनाई) प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ करता था और क्षेत्र के लोगों को यह प्रशिक्षण देता था।यह बजट इतना न्यूनतम होता था पूरा नही पढता था। कताई बुनाई प्रशिक्षण केंद्र ग्राम फिताडी में जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। इससे पूर्व मे यह ग्राम शॉकरी-सौड,मौताड,मोरी विकासखंड में था जहां पर 300 सौ से अधिक छात्रों को यहां प्रशिक्षण दिया गया है।
जिला पंचायत सदस्य रेवती राणा का कहना है कि कई वर्षों से यह प्रशिक्षण सराहनीय रहा है। क्षेत्र के लोगों को यहां पर कताई बुनाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। पूर्व ब्लाक प्रमुख मोरी उत्तरकाशी शिव सिंह राणा का कहना है कि हरिराम सिंह राणा के द्वारा खड्डी कताई बुनाई प्रशिक्षण केंद्र कई वर्षों से हर गांव में जो चलाया जा रहा है इससे कई लोगों को स्वरोजगार को नई दिशा मिली है मेरा प्रयास रहेगा कि शासन- प्रशासन स्तर से भी आग्रह करूंगा कि ऐसे लोगों को सहायता प्रदान करें जिससे यहां कार्य और अत्यधिक बढ़ाया जा सके। ब्लॉक अध्यक्ष मोरी बहादुर सिंह राणा का कहना है कि हरिराम के द्वारा क्षेत्र में यह सराहनीय कार्य है यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भी भागीदारी निभा रहा हैं।
गौरतलब है कि खड्डी कताई-बुनाई प्रशिक्षण केंद्र हरिराम सिंह राणा के द्वारा लिवाड़ी में 2015 में चलाया गया था जिसमें आज लिवाड़ी गांव के अंदर 100 सपरिवार स्वरोजगार कताई-बुनाई का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य का प्रशिक्षण हरिराम सिंह राणा के द्वारा दिया गया उनका मैं धन्यवाद करना चाहता हूं।यहां पर अत्यधिक भेड़ बकरियों पर लोगों की आजीविका है और इस उनका उपयोग प्रशिक्षण और स्वरोजगार बहुत ही सराहनीय है।केंद्र और राज्य सरकार से इस कार्य हेतु अत्यधिक बजट उचित वेतन दिया जाए जिससे यहां के ऊनी कपड़ों को देश और दुनिया में भेजा जाए और स्वरोजगार की अत्यधिक रास्ते खुल जाए।
स्रोत-योगराज राणा,हरिराम