स्लम बच्चों के सुनहरे भविष्य को संवारती नियो विजन संस्था।

-बच्चों में दिखा अपने लक्ष्य के प्रति सजगता।
– कूडे बीनने और भीख मांगने वाले बच्चों के सपने, भविष्य में सैन्य अफिसर बनकर देश सेवा करने का।
– कल्याण सिंह रावत “मैती“ ने बच्चों को बताया पर्यावरण का महत्व ।
 -पूर्व वन संरक्षक ने बच्चों को सामान्य ज्ञान को बताया जरूरीं।


देहरादूनःनियो विजन संस्था द्वारा आयोजित( स्कूल चले हम) स्लम बस्ती के बच्चों के कार्यक्रम में पूर्व वन संरक्षक आर बी एस रावत ने बतौर मुख्य अतिथि सिरकत की। कार्यक्रम में बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए मेयर और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने बच्चों द्वारा आयोजित विभिन्न खेलों में पुरस्कार वितरण किया।
कार्यक्रम की शुरवात बच्चों ने स्वागत “गीत मन की वीणा सुनो गौर से दुनियां वालों“ से की गई।इसके बाद कराटे,पोस्टर प्रतियोगिता,चम्मच प्रतियोगिता, कुर्सी दौड आदि प्रतियोगितायें की गई ।अतिथि पूर्व वन संरक्षक आर बी एस रावत ने बच्चों को अपने सामान्य ज्ञान बढाने के लिए कहा। उन्होनें बच्चों से कई सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी पूछे जिसे बच्चों ने सहज तरीके से जवाब दिया। उन्होनें मैती ग्राम गंगा अभियान पर 8 वी से 11वी तक के बच्चों के बीच में निबंध प्रतियोगिता करने को कहा। और इस प्रतियोगिता में प्रथम,द्वितीय,और तृतीय प्रतिभागियों को उचित ईनाम दिया जायेगा। इस दौरान उन्होनें गजेन्द्र रमोला की इस सराहनीय पहले के लिए जमकर तारिफ की।


कार्यक्रम में बच्चां के उत्साह वर्धन के लिए पंहुचे मेयर बिनोद चमोली ने बच्चों को सम्बोधित करते हुये “जो पढेगा वही बडेगा“ का नारा दिया। उन्होनें कहा कि सीवरेज लाईन नगर निगम के अर्न्तगत न होने पर भी मैने मलिन बस्तीयों को देखते हुये इस कार्य के लिए धन नगर निगम से स्वीकृत किया है, इसके साथ ही मलिन बस्तीयों की सडकें पक्की की जायेगी,और मंदिर के पास स्कूल के लिए एक कमरें का निर्माण किया जायेगा।उन्होनें बच्चों से बचत की आदत डालने की प्रवृति पर जोर दिया।


विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में पंहुचे प्रख्यात पर्यावरण प्रेमी कल्याण सिंह रावत “मैती“ ने बच्चों को बचत करने करने की बात पर जोर दिया उन्होनें कहा पर्यावरण को भावनात्मक रूप से जोडा जाना आवश्यक है ताकि हम पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो सकें। मैती जी ने कहा कि इन बच्चों में से 80 प्रतिसत बच्चे फौजी बनना चाहतें है। जो हमारे लिए गर्व की बात है। क्योंकि हमारी सीमाओं के सजग प्रहरी हमारे देशभक्त सैनिक ही होतें है। उन्होनें मैती ग्राम गंगा अभियान के बारे में बच्चों को अवगत करते हुए पर्यावरण के प्रति चेतना की जगाने की बात पर जोर दिया।

नियो विजन संस्था के संस्थापक गजेन्द्र रमोला ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम को करने के पीछे हमारा एक ही उद्देश्य होता है कि आजादी और गणतंत्र राष्ट्र बने हमारे देश को 70 साल हो गये है लेकिन अभी भी हमारे देश के कोने-कोने में अज्ञानता का अंधकार फैला हुआ है इस अज्ञानता के अंन्धकार को दूर करने के लिए हम ज्ञान रूपी उजाला निस्वार्थ भाव से दे रहे है। जो बच्चा भीख मांग रहा हो या कबाड बीन रहा हो उसको वहां से निकालकर ज्ञान रूप प्रकाश में लाने का प्रयास कर रहे है।सिर्फ स्कूल में एडमिशन कराना ही एक उद्देश्य नही है उस बच्चे की सही तरीके से देखभाल और प्रवरिस भी हमारी संस्था के द्वारा की जाती है।बच्चों में प्रतिभा को निखरने का काम भी हम करते है ताकि बच्चे इसे अपना कैरियर भी बना सकें। जिस तरह से आजकल सरकारी स्कूल खाली हो रहे है उसको देखते हुए हम अपने यहां से बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेज रहें है।


गौरतलब है कि नियो विजन संस्था पिछले सात साल से कूडा बीनने और भीख मागने वाले बच्चों को समय निकाल कर पढने और उनका भविष्य निखारने का काम कर रही है। और वर्तमान समय में 35 बच्चों को बिना सरकारी मदद के खुद के संसाधनों से पढाई लिखाई और स्किल डब्लपमैंट का काम कर है।
इस दौरान खुशबीर सिंह ने बच्चों की सहायता के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। क्रायक्रम के दौरान र्प्यावरण प्रेमी चंदन सिंह नेगी,रोहित नौटियाल,खुशबीर सिंह,अरूण यादव समेत कई समाजासेवी संस्था से जुडे गणमान्य व्यक्ति मैजूद रहे।
-भानु प्रकाश नेगी