SBI पोखरी(चमोली) : एक अनार सौ बीमार

पोखरी में एसबीआई के भरोसे कई दर्जन गांव


भानु प्रकाश नेगी।


एक अनार सौ बीमार वाली कहावत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर फिट बैठती है जहां क्षेत्र के दर्जनों गांव एक मात्र राष्ट्रीयकृत बैंक के भरोसे है।

हाॅलांकि यहां पर कोषागार,उत्तरांचल ग्रामीण बैंक,CO OPRETIVE BANK भी मौजूद है लेकिन क्षेत्र के तमाम स्कूलों समेत आम नागरिकों के खाते इसी बैक मैं है।जिसके कारण यहां आये दिन लोगों को भारी परेसानियों का सामना करना पड़ रहा है।सबसे ज्यादा परेसानियों का सामना दूर दराज से आये बुजूर्गो को उठाना पढ़ता है जो शुबह आकर लाईन में लग जाते है और नम्वर आते ही बैंक का समय समाप्त हो जाता है या कैश खत्म हो जाता है।

दूसरी सबसे बड़ी समस्या एटीएम बना हुआ है जो अक्सर खराब रहता है और जब सही भी होता है तो उसमें कैश खत्म हो जाता है।नेटवर्क सुविधा दुरस्त न होने के कारण ग्रामीणों को कैश की सुविधा नहीं मिल पाती है।जब बैंक से कैश मांगो तो वह एटीएम पर जाने की सलाह देते है।ऐसे में दूरस्त क्षेत्र से आये ग्रामीण अपने आप को ठगा सा महसूस करते है।क्योंकि वह मुस्किल से अपने अनेको घरेलू कामों को छोड़कर यहां आते है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या से कई बार क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र भट्ट  को अवगत कराया है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। और बिधायक जी अक्सर क्षेत्र से गायब रहते है।

सूत्रों की मानें तो कई बैंक कर्मिक लोगों से धन लेकर काम करते है।कई जरूरी काम बिना धन के नहीं किये जाते है।इस भष्टाचार के लिए कोई जनप्रति निधि व क्षेत्रीय नेता आवाज नहीं उठाता है। जिससे जनता में काफी रोष ब्याप्त है।