उत्तराखंड :दो दिवसीय दत्तात्रेय अनसूया मेले में तीर्थ यात्रियों की संख्या सीमित रहेगी,इस माह के अंत में होगा मेला

उत्तराखंड :दो दिवसीय दत्तात्रेय अनसूया मेले में तीर्थ यात्रियों की संख्या सीमित रहेगी, प्रशासन व मंदिर समिति की बैठक में फैसला,

चमोली । दत्तात्रेय माता सती अनसूया मेले की व्यवस्थाओं लेकर  अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने मंदिर समिति के सदस्यों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। कोविड के दृष्टिगत इस वर्ष सीमित संख्या में ही तीर्थ यात्रियों को जाने के अनुमति रहेगी। गोपेश्वर, मंडल घाटी में स्थित दत्तात्रेय माता सती अनसूया मेला इस वर्ष 28 व 29 दिसंबर को आयोजित होगा।

 

बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों एवं सभी पक्षों के सुझाव व सहमति के आधार पर निर्णय लिया गया कि कोविड के दृष्टिगत इस बार मंडल में देव डोलियों के मिलन के दौरान मेले के उद्घाटन की रस्म अदायगी नहीं होगी। इसके अलावा  मंडल में हाॅट बाजार भी नहीं लगेगा। प्रत्येक देव डोली के साथ 12 लोगों को ही अनसूया मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाएगी। सभी तीर्थयात्रियों का संगूड पुल पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं कोविड टेस्ट किया जाएगा। अनसूया में हाॅट बाजार एवं भण्डारे लगाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल मंदिर समिति के माध्यम से देव डोली के साथ चलने वाले लोगों को भण्डारे की व्यवस्था कराई जाएगी। सभी लोगों को मास्क पहनना एवं सोशियल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करना आवश्यक होगा।

कोविड के दृष्टिगत पूरे मंदिर परिसर को सेनेटाइज्ड किया जाएगा। अनसूया मेले के दिन तीन सौ से अधिक बरोही हर वर्ष यहाॅ पहुॅचते है लेकिन इस बार सामाजिक दूरी रखते हुए मंदिर में बरोहियों को बैठना संभव नही है। इसलिए सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि मेले के दिन किसी भी बरोही दंपत्ति को मंदिर में बैठने की अनुमति नही होगी।

बैठक में सुझाव दिया गया कि अनसूया मंदिर पूरे सालभर खुला रहता है और भक्तजन अन्य किसी भी दिन यहाॅ पर आकर अपनी तपस्या कर मनौती मांग सकते है। इस बार मेले में महिला एवं युवक मंगल दलों तथा स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे।

अपर जिलाधिकारी ने मेले से पूर्व पैदल मार्ग व मन्दिर परिसर से अत्री मुनि आश्रम तक मार्ग को दुरस्त करने के निर्देश लोनिवि को दिए। मंदिर परिसर व पैदल मार्ग में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए जल संस्थान, अलाव की व्यवस्था हेतु वन विभाग, शांन्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग, मन्दिर की साज-सज्जा के लिए फूल मालाओं की व्यवस्था करने हेतु उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य विभाग को मेले के दौरान आवश्यक दवाओं के साथ चिकित्सकों की टीम तैनात रखने तथा जिला पंचायत को साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई। विद्युत एवं उरेडा विभाग को मेले के दौरान मंदिर एवं पैदल रास्तों पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।