स्वरोजगार चाहने वाले युवा किसानों के लिए यह खबर खुश कर देने वाली है।

भानु प्रकाश नेगी


सब ठीक रहा तो भंगजीरा से उत्तराखंड के किसानों की तकदीर बदल जायेगी। जी हां लगभग नौ साल के शोध के बाद संगध पौध केन्द्र सेलाकुई ने नई किस्म की भंगजीरा विकसित की है। भंगजीरा की इस खास प्रजाति की खास बात यह है कि इसमें 58 प्रतिसत ओमंेगा है जो शाकाहारी लेागो कि लिए मछली के तेल का विकल्पा. है। यूएसए से ओमेगा के पैटर्न का प्रमाणीकरण वाले इस भंगजीरा की एक एकड़ खेती से किसानों को तीन लाख रूपये की आमदनी होगेी।

पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवर बंदर और सुअर से परेसान किसानांे के लिए यह खेती फायदा का सौदा है क्योंकि इससे जंगली जानवर नुकसान नहीं करते है।इस किस्म के भंगजीरा में ओमेगा सात प्रतिसत ज्यादा है जिसका आयल कैप्सूल बनाने के काम आयेगा।जापान और कोरिया में इसकी खेती बडे पैमाने पर की जाती है।