नही चाहिए पाकिस्तानी रूह अफज़ा- भारतीय उलेमा

भारत में हमदर्द के रूह अफजा शरबत की कमी पर पाकिस्तान की ओर से दी गयी पेशकश को भारतीय उलेमाओं ने ठुकरा दिया है। पाकिस्तान की इस पेशकश पर मुस्लिम उलेमाओ ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रमज़ान शरीफ में पाकिस्तान ने जो रूह अफज़ा देने की पेशकश की है उसे वह ठुकराते है। उन्होंने कहा हिंदुस्तान का मुसलमान पानी से रोज़ा इफ्तार कर लेगा लेकिन पाकिस्तान से ली हुई किसी भी चीज से रोज़ा इफ्तार नही करेंगे। उन्होंने हिंदुस्तान की हुकूमत से इल्तेज़ा करते हुए कहा है कि भारत के मुसलमानों को पाकिस्तान से किसी चीज की जरूरत नही है। उन्होंने पाकिस्तान की हुकूमत को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि पाकिस्तान एक तरफ पेशकश करता है और दूसरी ओर नई नई तकनीकी से दुश्मनी निकालने का मंसूबा बनाता है। इसीलिए भारत के मुसलमान पाकिस्तान की इस पेशकश को ठुकराते है।
आपको बता दे कि पाकिस्तानी कंपनी हमदर्द ने भारत को रूह अफजा सप्लाई करने का ऑफर दिया था। पाकिस्तान की तरफ से यह ऑफर पवित्र रमजान के महीने के दौरान गर्मी में राहत देने वाले रूह अफजा के मार्केट से गायब होने की खबरो के बाद आया था।
एक भारतीय न्यूज़ वेबसाइट के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए, हमदर्द पाकिस्तान के मुख्य कार्यकारी ओसामा कुरैशी ने वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान से भारत को रूह अफजा की सप्लाई करने का ऑफर दिया था।
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘हम रमजान के महीने में रूह अफजा और रूह अफजा गो की सप्लाई भारत में कर सकते हैं। अगर भारत सरकार अनुमति दे, तो हम आसानी से वाघा बॉर्डर के जरिए ट्रक भेज सकते हैं।’
वही आपको ये बता दे कि गर्मी की शुरुआत और रमजान के दौरान हमदर्द का शरबत रूह अफजा भारत में बाजार से गायब है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर अटकलो का दौर भी जारी हैं। रमजान के दौरान मुस्लिम धर्म के मानने वाले अपना रोजा खोलते समय इसका उपयोग करते हैं। यही कारण है कि बढ़ती गर्मी और रमज़ान शरीफ को लेकर लोग बाजारों में रूह अफज़ा तलाश करते भटक रहे है।
गुजिश्ता कई सालों से एक ब्रांड भारत में लोकप्रिय बना हुआ है। यह ब्रांड हमदर्द का रूह-अफजा शर्बत है। आजकल बाजार से रूह-अफजा शर्बत गायब है। शर्बते-आजम कहने जाने वाले रूह-अफजा के बाजार से गायब होने से इसके शौकीन बेहद परेशान हैं।
लोगो का कहना है कि किराने की दुकानों में रूह-अफजा नहीं मिल रहा है। दुकानदार बता रहे हैं कि इस साल की शुरुआत में ही रूह अफज़ा की सप्लाई बंद हो गई थी, लेकिन तब सर्दियां चल रही थीं इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब गर्मी आने पर मांग बढ़ने पर भी सप्लाई नहीं हो पा रही है। हमदर्द के रूह अफज़ा की जगह अन्य मीठे शर्बत बाजारों में उपलब्ध है लेकिन रूह अफज़ा के शौकीन अन्य शर्बत को नकार रहे है। इसकी एक मुख्य वजह ये भी है कि अन्य शर्बतों में रूह अफज़ा जैसा स्वाद नही है। हालांकि लोग मजबूरी में अन्य शर्बत खरीद रहे है लेकिन लोगो को तसल्ली नही मिल पा रही है। लोग जानना चाहते हैं कि इतना लोकप्रिय शर्बत होने और ऑन-सीजन होने के बावजूद रूह-अफजा की सप्लाई क्यों नहीं हो रही है।
बरहाल रूह-अफजा के बाजार से गायब होने की वजह चाहें जो हो, लेकिन इस शर्बत के चाहने वाले बहुत परेशान हैं। अब जब भारतीय उलेमाओं ने पाकिस्तानी रूह अफज़ा की पेशकश को ठुकरा दिया है तो देखने वाली बात ये होगी की भारतीय हमदर्द कम्पनी कब तक बाजारों में रूह अफज़ा उपलब्ध करा पाती है।