रूद्रप्रयाग जिला प्रशासन पर उठाये काश्तकार ने कई सवाल.

कृषि पशु महाविद्यालय रतनपुर (भरसार) में काश्तकारों की जमीन पर फर्जी रजस्ट्री।
-पटवारी दिनेश लाल पर आरोप सिद् हाने के बाद भी नही हो रही गिरफतारी।
-कास्तकार पुष्कर वत्र्वाल ने लगाये जिला प्रसासन रूद्रप्रयाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप।
                            भानु प्रकाश नेगी//
जनपद रूद्रप्रयाग जखोली ब्लाक के कृषि पशु महाविद्यालय रतनपुर (भरसार) के लिए कास्तकारों की जमीन की फर्जी रजस्ट्री का मामला सामने आया है। कास्तकार पुष्कर वत्र्वाल ने बताया कि 2015 में इस  महाविद्यालय की रजस्ट्री की गई थी लेकिन उन्हें 2016 में उन्हें तब पता चला जब वह तहसील जखोली में अपनी जमीन की खतौनी निकालने गये। अपना खाता खतौनी देखने पर उन्होंने पाया कि उनकी जमीन की फर्जी तरीके से रजस्ट्री हो रखी है।उन्होनें इस संबध में एक नोटिस पशु महाविद्यालय रतनपुर भरसार के कुलसचिव को भेजा तो उनका जवाब आया कि यह कार्य मेरे कार्यकाल में नही हुआ है आप जांच के लिए स्वतंत्र है। 23 दिसम्बर 2016 को तत्कालीन डीएम रंजना वर्मा ने मामले का संज्ञान लेकर संबधित अधिकारी को इस मामले में तत्काल रूप से कार्यवाही  करने को कहा। जांच के बाद राजस्व निरीक्षक द्वारा पाया गया कि कास्तकारों की रजिस्ट्री इस्तयार में हस्ताक्षर फर्जी है। साथ ही अंश से ज्यादा जमीन की दाखिल खारिज की गई है। जांच के बाद पटवारी दिनेश लाल को दोषी पाया गया।
कास्तकार पुष्कर वत्र्वाल ने जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग पर गंभीर आरोप लगात हुये कहा कि आरोपी पटवारी दिनेश लाल को दोषी पाये जाने पर भी अभी तक एफआईआर  दर्ज नही हो पायी है। उल्टा पटवारी द्वारा कास्तकारों को दोषी ठहराया गया है। जांच के तहत पाया गया है कि जिसके नाम पर रजस्ट्री हो रखी है उसके भी हस्ताक्षर फर्जी है साथ ही तीन कास्तकारों पुष्कर सिंह वत्र्वाल,ज्ञान सिंह वत्र्वाल,गोपाल सिंह वत्र्वाल के हस्ताक्षर फजी्र्र किये गये है। पीडित पुष्कर का कहना है कि इस मामले में मैनें प्रार्थना पत्र गढवाल कमीशनर,एसडीएम रूद्रप्रयाग, और मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार,मुख्य सचिव उत्तराखंड को तीन बार भेज चूका है। लेकिन आज तक इस पत्र का कोई जवाब नही आया है।
दर दर भटक रहे कास्तकार पुष्कर वत्र्वाल का कहना है कि मै अपने हक की लडाई लड कर रहूंगा। मुझे पर आरोपी के द्वारा कई बार मामले को रफादफा करने के लिए दबाव बनाया गया लेकिन मै अपने लक्ष्य से नही भटका हूं। उनका कहना है कि गांव व क्षेत्र में कई ऐसे लोग है जिनकी जमीनोें को इसी तरह से फर्जीवाडा करके हडपा गया है लेकिन वे इतने सक्ष्म नही है कि अपने हक की लडाई लड़ सकें। मेरा मकसद यह है कि यह मामला सुलझ गया तो अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिल सकेगा।उन्होेनें जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द मामले में दोषी की गिरफतारी और उनका जमीन उन्हें न मिली तो जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंन्दोलन,धरना प्रर्दशन किया जायेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।