मीजिल्स(खसरा)/रूबेला का टीकाकरण अवश्य कराये- डाॅ प्रताप सिंह रावत

देहरादून
उत्तराखंड राज्य में मीजिल्स/रूबेला टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय योजना के अन्तर्गत देश को खसरा मुक्त करने एवं रूबेला/जन्मजात रूबेला लक्षण को प्रभावी तौर पर मिटाने की मुहिम शुरू की गई है जिसके लिए स्कूलों में 9 माह से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को लगाये जाने वाले टीके को अवश्यक रूप से लगाने आवश्यक है। राजकीय दून मेडिकल काॅलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. पी एस रावत के अनुसार निधारित आयु वर्ग के सभी बच्चों को इस महत्वपूर्ण टीके को लगाया जाना आवश्यक है बावजूद इसके कि उस बच्चे का पहले से कोई टीकाकरण हुआ हो या उसे कभी खसरा/रूबेला,जैसी काई बीमारी हुई हो।
गौरतलब है कि खसरा विषाणु जनित बीमारी है।एक अनुमान के अनुसार हमारे देश में 49 हजार बच्चों की खसरा से प्रति वर्ष आकास्मिक मृत्यु हो जाती है। जो भारत में शिशु मृत्यु दर का मुख्य कारण भी माना जाता है। खसरे की दो खुराक से बच्चों में खसरे से प्रतिरक्षण सुरक्षित एवं प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है। डाॅ रावत के अनुसार टीकाकरण का प्रभाव ठीक उसी तरह होता है जैसे हमें भूख लगने पर खाना मिल जाता है और हमारी शरीर की ऊर्जा बड़ जाती है।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा के आदेश से जारी यह टीकाकरण अभियान प्रदेश के राजकीय, अशासकीय,पब्लिक स्कूल,मदरसा बोर्ड स्कूूल,संस्कृत विद्यालयों में लगाये जाने अनिवार्य सुनिसचित किये गये है।
-भानु प्रकाश नेगी