ऋषिकेष:बद्रीनाथ नेशनल हाईवे के किनारे हो रहे निर्माण कार्य मैं महाभ्रष्टाचार

बद्रीनाथ नेशनल हाईवे के किनारे हो रहे निर्माण कार्य मैं भ्रष्टाचार । कभी भी हो सकता है कोई बड़ा हादसा। सरकार को करोड़ों रुपए का लगाया जा रहा है चुना।

ऋषिकेश मुनिकीरेती बदरीनाथ हाईवे के किनारे इन दिनों निर्माण कार्य बड़ी तेजी से चल रहा है। सरकार द्वारा लगभग ₹13 करोड़ का यह प्रोजेक्ट है। जिसके तहत ऋषिकेश से लेकर ब्रह्मपुरी तक सड़क के किनारे पुस्ता निर्माण ,खारासरोत नदी के ऊपर पुल का निर्माण, व सड़क किनारे नाली का निर्माण होना है। जिसके तहत लगभग 80% कार्य पूरा हो चुका है पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता द्वारा बताया गया कि हमारे द्वारा निर्माण कार्य में जो खनन सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। उसमें क्रेशर की बजरी, क्रेशर का रेता और सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा है ।

लेकिन जब हमारी टीम ने मौके का मुआयना किया तो पाया कि मुनी की रेती तपोवन क्षेत्र में नेशनल हाईवे की पुलिया को चौड़ा करने के लिए सीसी ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। जिसमें क्रेशर की बजरी व रेत का इस्तेमाल होना था। लेकिन निर्माणाधीन कंपनी द्वारा गंगा जी से मलवा निकालकर उसमें सीमेंट मिलाकर सीसी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। घटिया तरह की खनन सामग्री का इस्तेमाल निर्माण कार्य में किया जा रहा है। वही खारा स्रोत पुल के निर्माण में भी इसी तरह की घटिया खनन सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। जिस कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। इस बारे में जब हमने पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता मृत्युंजय शर्मा से बात की तो उनके द्वारा बताया गया कि यह लगभग 13 करोड रुपए का प्रोजेक्ट है।

इस प्रोजेक्ट में हमारे द्वारा बढ़िया क्वालिटी का मैटेरियल्स इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन मौके पर देखा गया कि गंगा नदी से निकलने वाली बजरी जिसमें लगभग आधे से अधिक मिट्टी होती है ।उसका इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे कहीं ना कहीं निर्माणाधीन कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा इसकी निगरानी करने वाले सभी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान रहे हैं ।इतनी भारी मात्रा में भ्रष्टाचार हो रहा है ।लेकिन कोई भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है ।जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।

-नीरज गोयल ऋषिकेष