राफेल सौदे पर कांग्रेस ने केन्द्र सरकार पर लगाया बड़े घोटाले का आरोप।

राफेल सौदा भाजपा सरकार का बड़ा घोटाला : कांग्रेस ने मांगा जवाब


2013-14 में फ्रांस से 526 करोड़ रु. में खरीदा जाने वाला राफेल विमान साल भर बाद ही 1670 करोड़ रु. का कैसे हो गया? यह सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का एक बड़ा घोटाला बताया और इसका जवाब जनता को देने की माँग की है।

पूरे उत्तराखंड में राफेल घोटाले का भंडाफोड़ करने की रणनीति के तहत रुद्रप्रयाग में पूर्व विधायक प्रो. जीत राम द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि ‘न खाऊँगा और न खाने दूँगा’ का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं एक बड़े घोटाले को अंजाम देकर देश को लूटने का काम किया है। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2007 में आरम्भ हुए राफेल विमान खरीद सौदे में 2013-14 में फ्रांस की कंपनी डिसॉल्ट से 36 विमान खरीदने के लिए 18940 करोड़ रु. का सौदा हुआ था। इसमें राफेल विमान की टैक्नोलॉजी और पार्ट्स की आपूर्ति का सौदा भी शामिल था। यह सौदा पूरा हो पाता, इससे पहले ही केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार आ गई। 10 अप्रैल 2015 को नरेंद्र मोदी फ्रांस गए और उन्हीं विमानों का सौदा प्रति विमान 1670 करोड रु. में तय हो गया। पहले उन विमानों को हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के माध्यम से खरीदा जाना था जो बाद में उनका निर्माण व मरम्मत भी करती लेकिन अब उसे हटाकर 12 दिन पहले बनी धन्नासेठ अम्बानी की रिलायंस कंपनी को विमान खरीदने का ठेका दे दिया गया। इसमें टैक्नोलॉजी और पार्ट्स की आपूर्ति शामिल नहीं है। प्रो. जीतराम ने कहा कि आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि संसद में रक्षामंत्री ने इसके बारे में जानकारी देने से यह कहकर इन्कार कर दिया कि इसको गोपनीय रखने की शर्त फ्रांस सरकार के साथ हुई है, जबकि दूसरी ओर सरकारी कामों में पारदर्शिता का राग अलापते मोदी और उनके मंत्री थक नहीं रहे हैं।

प्रो. जीतराम ने आरोप लगाया कि इस सौदे में कार्पोरेट कंपनी को 41 हजार करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा देकर महा घोटाला किया गया है और सरकार जवाबदेही से कतरा रही है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले को जन-जन तक पहुँचा कर सरकार द्वारा जनता के धन की लूट को उजागर करने का अभियान कांग्रेस चला रही है। जनता को रक्षा की दृष्टि संवेदनशील इस मामले पर सरकार से जवाब माँगना चाहिए और पूछना चाहिए कि ईमानदारी की कसमें खाने वाले प्रधानमंत्री मोदी इस पर देश की जनता को सफाई क्यों नहीं दे रहे हैं?

इस अवसर पर कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह बिष्ट सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसी मौजूद थे।

-वरिष्ठ पत्रकार, रमेश पहाड़ी