टिहरी रियासत के जन्मदिन पर महाराजा प्रद्युम्न शाह के कलैण्डर का विमोचन।

 

देहरादूनःमहाराजा प्रद्युम्न शाह मेमोरियल सोसायटी ने टिहरी रियारत के जन्म दिन के अवसर पर प्रेस क्लब में महाराजा   प्रद्युम्न शाह  के कलेन्डर का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर सुनील उनियाल गामा ने लैन्सीडान चौक पर महाराजा   प्रद्युम्न शाह की मूर्ति लगाकर उसका नाम महाराजा के नाम से करने की बात कही।
कार्यक्रम में बतौर विशिष्ठ अतिथि पहुचे बरिष्ठ  इतिहासकार डॉ योगम्बर सिंह वर्त्तवाल ने कहा कि महाराजा प्रद्युम्न  शाह एक मात्र राजा थे जो सम्पूर्ण गढवाल व कुमांउ के राजा रहे है।1804 में जब गोरखाओं ने गढवाल पर आक्रमण किया,तो वह गोरखाओं से लड़ते लडते श्रीनगर, उत्तरकाशी भिलंगना घाटी होते हुए यमुना धाटी के रास्ते देहरादून आये थ,ेयहां खुडबुड़ा के मैदान में 1804 में शहीद हुए।शहीद होने के बाद गोरखा सेनापति ने उनका ससम्मान दाह संस्कार हरिद्वार में किया था,वो ऐसे राजा थे जो उत्तराखंड राज्य की अस्मिता के लिए शहीद हुऐ थे,इसलिए हम उनका बहुत सम्मान करते है। उन्होंने कहा कि उनकी समाधि खुडबुडा के पास उनका स्मारक बनाया जाना चाहिए,चौक का नाम उनके नाम से किया जाना चाहिए और उनको उत्तराखंड राज्य का पहला शहीद घोषित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के सूत्रधार बरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार शिशुपाल सिंह गुसाई ने जोर देकर कहा कि हमें अपने पूर्वजों के गौरवमयी इतिहास को जानने की आवश्कता है, और राज्य में तमाम चौक व सरकारी भवनों का नाम  महाराजा प्रद्युम्न शाह ,समेत अनेक राजाओं के नाम पर किया जाय,ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भी अपने गौरवमयी इतिहास को जान  सके। इस अवसर पर उन्होंने नव नियुक्त मेयर सुनील उनियाल गामा का लैन्सीडान चौक का नाम महाराजा   प्रद्युम्न शाह किये जाने की घोषणा का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकार व कवि विरेन्द्र डंगवाल पार्थ ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों के इतिहास को जानना अति आवश्यक है। इसके लिए हमारे पाठ्क्रमों में हमारे पर्वजों के इतिहास को होना चाहिए, ताकि आने वाली पीड़ी अपने गौरवमयी अतीत को जान सके आपने आप पर गौरव कर सके। इस दौरान,कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
-भानु प्रकाश नेगी,देहरादून।