तो नरेंद्र मोदी हरिद्वार से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे ?

….तो नरेंद्र मोदी हरिद्वार से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.

देश की राजनीती में नेताओं के लिए उर्वरा भूमि के रूप में जानी जाने वाली हिंदी पट्टी, नरेंद्र मोदी के लिए खास अहमियत रखती है।याद कीजिये 2014 में देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपना सबसे पहला टीवी न्यूज़ चैनल का इंटरव्यू, इसी हिंदी पट्टी को कवर करने वाले ईटीवी को दिया था,जो उत्तराखंड,उत्तर-प्रदेश,बिहार सहित राजस्थान तक फैला हुआ है। मोदी राजनीती की नब्ज की गहरी समझ रखते हैं इसीलिए जब उन्होंने सर्वाधिक आठ प्रधानमंत्री देने वाले उत्तर-प्रदेश को लोकसभा चुनाव के लिए चुना तो हिन्दू आस्था का केंद्र, शिव की नगरी,बनारस की धरती पर पैर रखते ही कहा था,”न मैं आया, न मुझे भेजा गया, मां गंगा ने बुलाया मुझे”
अब जो संकेत मिल रहे हैं उससे यही प्रतीत होता है कि एक बार फिर नरेंद्र मोदी इसी हिंदी पट्टी का एक छोर ,देश भर के हिन्दुओं की आस्था का केंद्र,पर्वतों से मैदान में माँ गंगा का प्रवेश द्वार यानि हरिद्वार को अपने लोकसभा चुनाव के लिए चुनने जा रहे हैं।

कड़ी से कड़ी जोड़कर यदि देखा जाये तो जो राजनैतिक तस्वीर उभरती है वो कमोबेश इसी ओर ईशारा करती है।प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी का रुझान उत्तराखंड के धार्मिक महत्व,देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की ओर रहा है। खुद मोदी के धार्मिक गुरु भी ऋषिकेश से थे। केदारनाथ आपदा के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही वो कारण रहा जिसके चलते मोदी ने चारधाम आल वेदर रोड की घोषणा की। खुद ड्रोन कैमरे की मदद से प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ में निर्माण कार्य की निगरानी करी।

हालिया हलचल देखें तो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी ने लगभग पचास हज़ार व्यक्तियों के साथ देहरादून में योग किया। जिसके ठीक बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू से सीधे देहरादुन पहुंचकर 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी-संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक ली ,यही नहीं अमित शाह ने बीजेपी के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम ‘संपर्क फॉर समर्थन’ के तहत हरिद्वार के कई संत-महात्मा,महामंडलेश्वर,अखाडा मठाधीश सहित शांति कुंज प्रमुख प्रणव पंड्या से मुलाकात की। माँ गायत्री की आराधना करने वाले प्रणव पंड्या अमित शाह से मुलाकात के ठीक बाद धार्मिक परिवेश-पृष्ठ्भूमि की लक्ष्मण रेखा लांघते हुए कांग्रेस प्रमुख राहुल गाँधी पर आपत्तिजनक राजनैतिक टिप्पणी तक कर बैठे। अमित शाह के ठीक बाद राष्ट्रिय स्वयं सेवक के मोहन भागवत रेलगाड़ी से हरिद्वार पहुंचे जहां उन्होंने,बताया जाता है गिनती के कुल 19 व्यक्तियों से बंद कमरे में बातचीत की जिसकी जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं है। चर्चा है कि संघ के कुछ कुशल कार्यकर्ताओं की एक टोली हरिद्वार लोकसभा की राजनितिक भूमि की थाह ले रही है।

यह भी खबर है कि उत्तराखंड भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मोदी के हरिद्वार लोकसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी को कमर कस ली है।
कल की घटना इसी की एक कड़ी भर है कि बहुजन समाज पार्टी के हरिद्वार से नेता मोहम्मद शहजाद को राजनैतिक समीकरण के हिसाब से साधने के लिए खुद सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत और मदन कौशिक उनके पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल हुए।यही नहीं सोने पर सुहागा पतंजलि योगपीठ और योग गुरु बाबा रामदेव तो हरिद्वार में देश-विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुके हैं जिनके भाजपा और नरेंद्र मोदी से सुमधुर रिश्ते जगजाहिर हैं। आश्चर्य नहीं होगा यदि लोकसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर हरिद्वार की धरती से नरेंद्र मोदी कह उठें ,”न मैं आया, न मुझे भेजा गया, मां गंगा ने बुलाया मुझे

……..रजनीश सैनी की कलम से