स्कूलों के खुलने पर पेरेन्टस असमंजस की स्थिति में क्यों जाने इस खबर में

स्कूलों के खुलने पर राज्य सरकार,अभिभावक संघ व प्रायेबेट स्कूल प्रबंधन के बीच तालमेंल न दिखने से अजीब सी स्थिति पैदा हो गई है।शासन जहां 15 अक्टूबर से 9 से 12 तक की स्कूल खोलने को कह रहे है,वही प्रायवेट स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूल खुलने पर बच्चों के बीमार होने की जिम्मेदारी स्यंम अभिभावकों की होगी,साथ ही आॅनलाइन कक्षायें और आॅफलाईन कक्षाओं में से एक ही चलाई जा सकती है। वही अभिभावक संघ ने कहा है कि, सरकार को फिलहाल दो माह तक स्कूल बंद रखने चाहिऐ स्थिति सामान्य होने पर ही स्कूल खोले जायं तब तक आॅनलाईन कक्षायें ही चलाई जाय ऐसा न करने पर उन्होंने आन्दोलन की चेतावनी भी दी है। लेकिन अब अभिभावकों के लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है।जिसको लेकर अभिभावक काफी परेसान नजर आ रहें है।वही दून मेडिकल काॅलेज के सीनियर डाॅक्टर अनुराग अग्रवाल का कहना है कि स्कूलों को फिलहाल बडी कक्षाओं के बच्चों के लिए खोला जाना चाहिऐ सोशल डिस्टेसिंग और दो पारी में स्कूल खोले जाये भले ही एतिहात बरतने की आवश्यकता है।


भानु प्रकाश नेगी,देहरादून