विकासखंड जखोली के सैकड़ों ग्रामीण कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को क्यों है मजबूर?

 रूद्रप्रयाग: विकासखंड जखोली के दूरस्थ गाँव कुरछोला मे आज भी पीने के पानी की किल्लत बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम कुरछोला की आबादी वर्तमान समय मे 1200 के आसपास है।इतनी बड़ी आबादी वाले गाँव मे अगर पीने के पानी का संकट पैदा होता है तो इसका जिम्मेदार किसको माना जायेगा।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत कुरछोला मे वर्ष 2010-11 मे गाँव मे पीने के पानी की आपूर्ति के लिए स्वजल परियोजना रूद्रप्रयाग ने 85 लाख रूपये की लागत से लगभग 11 कि. मीटर लम्बी पेयजल लाईन का निर्माण किया गया लेकिन पेयजल योजना मे कई अनियमितताये

होने के कारण योजना मे पानी की आपूर्ति ठीक ढंग नही हो पा रही है। आलम यह है कि पेयजल योजना  में लगे पाईपों को जमीन के अंदर नही गाड़ा गया है। पाईपों को रसियों के सहारे पेड़ो पर बाॅध कर रखा है। जिस कारण से बरसात मे सारे पाईप भूस्खलन के कारण पाईप लाईन क्षतिग्रस्त हो जाती। कुरछोला में लगभग 10 वर्ष पूर्व जल संस्थान रूद्रप्रयाग के द्वारा खेल नामी तोक से और कुरछोला गाँव तक लाखों रूपये की लागत से से पेयजल योजना का निर्माण करवाया गया वो योजना भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो राखी है।

ग्रामीण राकेश पंवार, मनीष पंवार,दिनेश पंवार,सूरबीर पंवार,सुमेर सिह बिष्ट,राजेंद्र सिह कंडारी,तथा बलराम सिंह कंडारी का कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरोमत हेतु जल संस्थान रूद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता सहायक अभियंता तथा अवर अभियंता को कई बार लिखित व मौखिक रूप मे अवगत कराया गया गया लेकिन समंधित बिभाग ने ग्रामीणों की एक न सुनी।ग्रामीणों ने ये भी बताया कि एक माह पूर्व गाँव मे पानी की आपूर्ति बंद हो गयी।तथा एक माह तक गाँव मे पानी नही आया। ग्रामीण अपने पैतृक जल स्रोत से जो गाँव से तीन किलोमीटर दूर है से पीने के पानी लाने मे मजबूर है।

ग्रामीणों ने जल संस्थान विभाग पर  आरोप लगाया है कि जब गाँव मे 10 वर्षो से जल संस्थान की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना पर पानी आता ही नही है तो उसके बावजूद भी विभाग जबरदस्ती गाँव वालों पर पानी के बिल क्यों थोपा जा रहा ।जो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है।

-रामरतन पंवार जखोली