अब पल्टन बाजार होगा स्मार्ट 

देहरादून का सबसे प्रसिद्ध और सबसे पुराने बाज़ार को अब आप जल्द ही एक नए स्वरूप मे देख पाएंगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब देहरादून के सबसे पुराने बाजार को स्मार्ट बनाने की तैयारी की जा रही है.
-एक वक़्त था जब इस ऐतिहासक पल्टन बाजार मे कभी पलटने चला करती थी जब अंग्रेज यहाँ से चले गए उसके बाद धीरे -धीरे जाकर ही इस ऐतिहासक पल्टन बाजार का विकास होता गया व्यापरी बताते है कि पहले न ही इतना ट्रैफिक हुआ करता था न ही इस बाजार मे इतनी गाड़ियों की आवाजाही होती थी ज्यादा से ज्यादा लोग पैदल चला करते थे कुछ लोग साइकिल से चलते थे या घोड़े और टांगो से धीरे -धीरे दो पहिया का दबाव बढ़ता चला गया टांगों का रूप विक्रमो ने ले लिया। साथ ही कुछ व्यापरी ये भी बताते है की पहले के समय मे इतनी भीड़ नहीं हुआ करती थी बहुत ही साधारण बाजार हुआ करता था न ही इतनी चाकचौद हुआ करती थी बहुत थोड़े से ही व्यापर मे आदमी संतुष्ट होता था उस वक़्त मे बहुत ही सिंपल हुआ करता था ये बाजार दुकानों मे लाइट तक नहीं हुआ करती थी दुकानों मे मोमबत्ती और लालटीन जलाकर काम किया जाता था उस वक़्त मे जो आज बाजार जो बाजार गलियों मे है उस वक़्त मे वो गलियों मे भी नहीं होता था।
वही स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष श्रीवास्तव  ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी महीने नवंबर माह से स्मार्ट सिटी के तहत ही इस पलटन बाजार के तहत सौंदर्यीकरण किया जाएगा इसके तहत ही बाजार की सभी दुकानों को एक ही रंग मे रंगा जाएगा सभी दुकानों को अलग अलग नंबर दिया जाएगा साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पलटन बाजार को अन्य व्यवस्थाओ मे भी सुधार किया जाएगा जहाँ पूरे पलटन बाजार मे दिन के वक़्त वाहनों की आवाजाही पर बैरियर लगाकर रोक लगाई जाएंगी वहीं पैदल चलने वाले लोगो के लिए बेहतर फुटपाथ, पीने के पानी की व्यवस्था होगी,शौचालय होंगे, लोगो के बैठने के लिए बेंचेस  भी तैयार किए जाएंगे इसके साथ ही विकलांग और  गर्भवती महिलाओं के लिए गोल्फ कार्ड की व्यवस्था भी पलटन बाजार मे की जाएंगी।पलटन बाजार को एक पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित किया जाएगा ये प्रोजेक्ट लगभग 12 करोड़ का है लगभग सवा साल के अंदर इसे खत्म कर दिया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत अगर पल्टन बाजार मे काम होता है तो आपको यह पहले जैसा बाजार नहीं दिखयी देगा आम लोगो को इस बाजार मे सहूलियत मिलेगी और बाजार अब सुव्यवस्थित भी दिखयी देगा।
-साक्षी पोखरियाल