उत्तराखंड के पहाड़ चडने के लिए हनुमान बनना पडेगा-आचार्य शिव प्रसाद ममगाई

देहरादूनःउत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तरांचल उत्थान परिषद के निवनिर्मित कार्यालय सेवा निकेतन का लोकापर्ण एवं हिमाजलि पत्रिका का विमोचन सुप्रसिद्व कथा वाचक शिव प्रसाद ममगाई व अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रवासी पंचायत मेरा गांव मेरा तीर्थ संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। भवन निमार्ण में त्रिवेन्द्र सिंह रावत मुख्यमंत्री, डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक हरिद्वार सांसद्व पर्व मुख्यमंत्री,डॉ.महेश शर्मा पर्यटन व संस्कृति मंत्री भारत सरकार,आचार्य शिव प्रसाद ममगाई श्री जोतिष पीठ व्यास।
इस अवसर पर आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने सुन्दर कांड का पाठ किया। उन्होने कहा कि उत्तराखंड के पहाडी जिलों से लगतार हो रहे पलायन पर बहुत बातें हो चुकी है अब समय आ गया है कि इसे धरातल पर उतारा जाय। गांवो में जाकर वहां बसने की कोशिस की जाय। उसके लिए हमें हनुमान की तरह स्यंम सेवक बनना पढेगा।सुन्दर कांड के पाठ के दौरान उन्होनें कहा कि एक बार हनुमान को रावण ने युद्व के लिए कहा लेकिन हनुमान ने कहा कि अभी युद्व का समय नही है तब रावण ने कहा कि एक एक मुक्के का युद्व होगा, हनुमान ने रावण से कहा कि पहले तुम मारो मुक्का तब रावण बोला कि पहले तुम क्यां नही, हनुमान जी बोले कि अगर मैने पहले मुक्का मारा तो तुम किसी काबिल नही रहोगें।इस प्रसंग का उदाहरण देते हुए उन्होने कहा ऐसा समय न आये कि हम अपने गांवों को खोजते रह जाय और फिर हम किसी काबिल रहे,इसलिए अब अपने अपने पैतृक गांवों में जाकर उसे सजाने व संवारने का काम किया जाय।


आचार्य ममगाई ने कहा कि जो लोग गांवों से शिक्षा स्वास्थ्य व रोजगार की तलास में गांवों को छोड शहरों में आकर बस गये है, और फिर लौटकर अनने गांव में वापस नही जाते,वो प्रवासी उत्तराखंडी की श्रेणी में आते है। र्दुभाग्यवस लगातार उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के गांव खाली होते जा रहे है जो वाकिह चिन्ता का गंभीर विषय है। उन्होने कहा कि र्सिफ सरकारों के भरोसे पलायन रूक जायेगा यह संभव नही है। क्यों पांच साल बाद सरकार बदल जाती है और अलग अलग पार्टीयों का विकास का पैमाना अलग अलग होता है।इस दौरान उन्होने आरएसएस की संस्था द्वारा पलायन को रोकने के लिए अच्छे काम की सराहना की।
-भानु प्रकाश नेगी,देहरादून