यूसैक के निदेशक पर (संविदा) महिला कर्मचारी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप।

संविदा/आरटसोर्सिग पर यूसैक मै 7 साल से कार्यरत महिला कर्मचारी को बिना किसी नोटिस के विभाग द्वारा निष्कासित करने पर महिला कर्मचारी ने SSP निवेदिता कुकरेती से न्याय की गुहार लगाई है।और अपनी मांगों को लेकर कर्मिक धरना शुरू कर दिया है।जिसमे बिभिन्न राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों ने पीडिता को अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है।


पीडिता (शीला रावत ) के अनुसार रोजाना की तरह जब 5 मार्च को अपने कार्यालय पंहुची तो उनका नाम हाजरी रजिस्टर से गायब था। साथ ही बायोमैट्रिक मशीन से भी हटा दिया गया था ।जब उन्होने यह जानने कि कोशिस की तो उनके साथ जनसम्पर्क अधिकारी सुधाकर भट्ट ने गलत व्यवहार किया और यूसैक के निर्देशक ने पुलिस बुलाकर मुझे धमकाया।

पड़िता का कहना है कि मेरा आर्थिक स्रोत छिन गया है जिससे मै मानसिक रूप से परेसान हूं इस स्थिति में अगर किसी प्रकार का आत्मघाती कदम उठाती हूं तो इसके लिये निदेशक यूसैक, एस पी एस बिष्ट, सुधाकर भट्ट,राम मेहता,प्रियंका उनियाल जिम्मेदार होगे।