एक जनपद : दो उत्पाद’’के नारे से होगा पर्वतीय जनपदों में उद्यमिता का विकास

 

राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अधिकारियों को टाईमकिलिंग की आदत से पाना होगा छुटकारा : कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी।

*”एक जनपद : दो उत्पाद’’के नारे से होगा पर्वतीय जनपदों में उद्यमिता का विकास।*

*कम समय में ज्यादा काम करने के लिए आई0टी0 और वर्चुअल माध्यमों को किया जाएगा प्रयोग।*

*भव्यता और वीरता के भावों से गौरवानुभूति करवाएगा राज्य क सैन्यधाम।*

*ऋषिकेश, सैनिक कल्याण, औद्योगिक विकास, एम0एस0एम0ई0 तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गणेश जोशी द्वारा ऋषिकेश में अपनी प्रेस वार्ता के दौरान अपने अधीन विभागों की भविष्य की कार्ययोजनाओं का रोडमैप साझा किया।
इस दौरान राज्य के औद्योगिक विकास के संदर्भ में बोलते हुए कहा कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में तो आवेदन के मात्र 15 दिनां में उद्योगों को एन0ओ0सी0 प्राप्त हो जाती है] जबकि अपने यहां लोगों को उद्योग लगाने के लिए एन0ओ0सी0 प्राप्त करने में ही छः महीने लग जाते हैं। यही कारण है कि यू0पी0 जैसा बड़ा राज्य आज औद्योगिक विकास में देश में चौथे नम्बर पर है और हम 11वें नम्बर पर हैं।
मैने ऑफिस ज्वाईन करने के तुरंत बाद ही संबंधित सचिव] सिडकुल के अधिकारियों और सभी डी0आई0सी0 को निर्देशित किया है कि राज्य में उद्यौगिक निवेश की सम्भावनाओं को बढ़ाने तथा यहां उद्योग लगाने के इच्छुक उद्योगपतियों से ‘‘सम्पर्क] संवाद और समन्वय’’ को सबसे पहले दुरुस्त किया जाए।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि सोशल मीडिया में एक्टिव हो कर केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी को आसानी सर्वसुलभ करवाया जाए। ताकि राज्य की उद्यमी उसका लाभ उठा कर सूक्ष्म] लघू तथा मध्यम श्रेणी के उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित हो सकें।
मेरी प्राथमिकता है कि उद्योग सिर्फ देहरादन, उधम सिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल जनपद में ही ना सिमट जाए। स्थानीय आवश्यकता तथा आपूर्ति के हिसाब से पहाड़ों में औद्योगिक विकास को पहुंचाना मेरी प्राथमिकता है। यह भी निर्देशित किया गया है कि 15 दिन के अंदर यह आंकलन कर मुझे बताया जाए कि राज्य में स्थापित उद्योगों में क्या 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। जो कमी है उसे दूर करने का ब्लूप्रिंट भी इसके साथ ही प्रस्तुत किए जाने को निर्देशित किया गया है।
मेरी काम करने की अपनी शैली है। मेरे दिमाग में कई योजनाएं और काम हैं परंतु मेरे पास काम करने के लिए कुछ महीनों का ही समय है। इसलिए मेरा प्रयास होगा कि वर्चुअल और आई0टी0 सुविधाओं का अधिक से अधिक प्रयोग कर कार्यशैली को आधुनिक तथा परिणामोत्पादक बनाया जाए। इस क्रम में सभी जिला उद्योग केन्द्रों को बायोमेट्रिक से जोड़ा जाएगा। सभी जनपदों की समीक्षा बैठकें वर्चुअल माध्यम से की जाएंगी। ताकि बैठकों में आने-जाने में अनावश्कय समय की बर्बादी न हो तथा ज्यादा उत्पादकता से कार्य किया जाए।
एम0एस0एम0ई0 में बहुत सम्भावनाएं हैं। लॉकडाउन के समय में अपने घरों को लौटे लोग अपने साथ अलग -अलग हुनर भी लाए हैं। हम उनकी उद्यमिता को एम0एस0एम0ई0 योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
जून से अगस्त के मध्य में ओपन हाउस के माध्यम से उद्योगों की बात सुनेंगे। उन्हें बेहतर निवेश माहौल उपलब्ध करवाने तथा राज्य के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर श्रृजित करेन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
राज्य में पर्यटन एक बड़ा उद्योग है। पर्यटन विभाग के समन्य से नैनीताल मसूरी टूरिस्ट सर्किट को विकसित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुझे बताया गया है कि सिडकुल क्षेत्रों में सथापित उद्योगों की समीक्षा ही नहीं की जाती। अब इनकी मासिक समीक्षा कर गैप आईडेंटिफिकेशन और सॉल्यूशन पर जोर दिया जाएगा। इवेस्टर समिट के दौरान आए निवेश सुझावों तथा उन्हें कितना जमीन पर उतारा गया इसकी समीक्षा की जाएगी।
हिल्ट्रान के अधीन ढालवाला तथा भीमताल स्थित जमीन को सिडकुल को स्थानांतरित किया जाएगा। आयुष संबंधित औद्योगिक आस्थान, तथा सरोठ के मिनी औद्योगिक आस्थान के लिए लैण्ड टान्सफर मामलों को त्वरितता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
मेरे साथ काम करने के लिए विभागीय अधिकारियों को समय काटने की प्रवृत्ति का त्याग कर राज्य के विकास में योगदान करने के लिए कमर कसनी ही होगी।
सैनिक कल्याण से संबंधित मामलों पर बात करते हुए उनहोंने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को अप्रेंटिस करवा कर सिडकुल के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए।
ऑफिस ज्वाईन करते ही मैंने हड़ताली उपनल कार्मिकों को सेवा से निकाले जाने वाले आदेश को रद्द करवा दिया किया है। उपलन कार्मिकों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कि जा चुकी है, जो कि 10 दिनों में अपनी रिपोट देगी। उपनल से राज्य के मूल निवासी को ही रोजगार दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।
मोदी जी की घोषणा के अनुसार देहरादून में 50 बीघा भूमि पर सैन्य धाम की स्थपना की जानी है। सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती के दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री जी के माध्यम से सैन्यधान की भूमि का उद्घाटन किया जा चुका है। पूरे देश के सैन्य स्मारकों का अध्ययन कर एक भव्य और शानदार सैन्यधाम का डिजाईन तैयार किया जाएगा। जिसमें म्यूजियम भी होगा, थियेटर, लाईट एण्ड साउण्ड शो, प्रथम विश्व युद्ध से अब तक के सहीदों के फोटो/स्मृतियां होंगी।
हम पहले ही राज्य के युवाओं को भर्ति में उचाई की छूट दिलवाने तथा मई तक अपना बी0आर0ओ0 गठित करने जैसी उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं। शहीद के परिवार के एक व्यक्ति को योग्यतानुसार रोजगार देने के अलावा द्वितीय विश्व युद्ध की वॉर विडोज का वेतन 4000 से दुगना कर 8000 किया गया है।
सैनिक विश्रामगृहों की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है। उनकी दिशा और दशा को सुधारने का काम भी जल्द की प्रारम्भ होगा। यदि बजट की कमी हुई तो उसके लिए अन्य विकल्प तलाशे जाएंगे।