अब दून की सड़कों पर नो हॉर्न प्लीज़ !

नियो विजन संस्था व दी अर्थ सेवियर्स ने चलाया नो हार्न का महाअभियान.
-दर्शनलाल चैक पर लगातार तीन घंटे चला नो हार्न को महाअभियान।
-एसपी ट्रैफिक श्री लोकेश्वर कुमार ने कार्यक्रम को बताया अतियंत सराहनीय।
-संस्थाओं द्वारा नो हार्न के 120 साईन बोर्ड दिये गये पुलिस प्रसाशन को भेंट।
-नोयडा से 50 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया दून में नो हार्न का संदेश.

 भानु प्रकाश नेगी//

आज की दौड़ भाग भरी जिन्दगी में तनाव से होने होने वाले रोगों की तादात में लगातार ईजाफा होता जा रहा है। जिसके प्रमुख कारणों में गाडियों से बजने वाला अनावश्यक हार्न है। प्रेसर हार्न के कारण उच्च रक्तचाप और बड़े उम्र के लोगों को प्राणघातक बीमारियों का सामना करना पढता है। जिसके कारण अभी तक लाखों लोग असमय काल के ग्रास में समा चुके है। चिन्ता जनक बात यह है कि इस अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण पर शासन प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है।जिसके कारण हमें शाररिक और आर्थिक परेसानियों को सामना करना पड रहा है। देश और प्रदेश में अंशान्ति के कारण यहां सैलानी आने से कतराते है। जिसका असर सीधे तौर पर हमारी अर्थव्यवस्था पर पडता है।

दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन एवं नियो विंजन फाउंडेशन के तत्वाधान में देहरादून के दर्शनलाल चैक पर ‘‘हॉर्न मत करो’’  का अभियान चलाया गया। इस अभियान में दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन का उत्तराखण्ड पुलिस विभाग ने भी सहयोग किया।

विद्यालय के बच्चों और संस्था के वालंटियर्स ने मिलकर पुलिस के साथ दर्शनलाल चैक पर रेड लाईट के दौरान वाहनों के ध्वनि प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। प्रत्येक गाड़ी के ड्राईवर से पूछकर गाड़ियों के बैक बम्पर पर ‘हॉर्न मत करो’ का स्टीकर भी लगवाया। आने-जाने वाली गाड़ियों ने इस अभियान में बहुत उत्सुकता दिखाई। इस अभियान को खासकर उत्तराखण्ड में बढ़ावा देने के लिए एसपी ट्रैफिक श्री लोकेश्वर कुमार ने स्वयं हर संभव सहयोग करने के लिए कहा।
इस अभियान के दौरान लोग पोस्टर और बैनर के जरिए तरह-तरह की दलीलों वाले संदेशों के साथ ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने के लिए वाहनों के हॉर्न बजाने से बचने की अपील कर रहे थे। इनके सबसे आकर्षक पोस्टर में लिखा था। ‘‘बिना किसी कारण के तो कुत्ता भी नहीं भौंकता है’’ तो फिर अकारण हॉर्न बजाना कितनी समझदारी है।
अभियान के सहयोजक दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के प्रधान रवि कालरा ने उत्तराखण्ड पुलिस को कुछ सुझाव अभियान के दौरान दिए और इस अभियान को पूरे उत्तराखण्ड प्रदेश में पुलिस के साथ बढ़ाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि हॉर्न केवल ऐमरजेन्सी के लिए बना है न कि यह कोई बच्चों का खिलौना है स्कूल, मंदिर और अस्पतालों आदि स्थानों के आसपास हॉर्न बजाना कानून अपराध है। लाल बत्ती पर और ट्रैफिक कन्ट्रोल के दौरान ध्वनि प्रदुषण ना फैलायें। ‘‘हॉर्न प्लीज’’को ‘‘नो हॉर्न प्लीज’’ में बदल कर अपने शहर को शान्तिमय और रहने लायक बनाऐं और बिना वजह हॉर्न ना बजाऐं।

नियो विंजन फाउंडेशन के प्रमुख गजेन्द्र रमोला ने कहा कि तनाव का बहुत बड़ा कारण वाहनों के अनावश्यक हॉर्न बजाने की प्रवृति है। इससे सुनने में दिक्कत, उच्च रक्त चाप और सिरदर्द की शिकायत होती है। इससे अनावश्यक तनाव हो जाता है,बीमार और बुर्जर्गो के लिए तेज आवाज और गाडियों के हार्न से भारी परेशानी होती है। इसके अलावा शहरों में ध्वनि प्रदूषण का 70 प्रतिशत हिस्सेदारी वाहनों से होने वाले शोरगुल की है। जिसे रोका जा सकता है इस अभियान में शासन प्रशासन के अलावा आम आदमी और जिम्मेदार लोगों को आगे आकर इस मुहिम मेें हमारा साथ देना होगा। तभी हम अपने शहर देश और प्रदेश को शान्तिमय बना सकते है।

गति फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने कहा कि वायु प्रदूषण के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण भी बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। इस प्रकार के प्रयास समय-समय पर होने चाहिए। उन्होंने देहरादून वासियों से भी अपील की कि अनावश्यक हॉर्न न बाजायें और दून को प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में अपना सहयोग दें।
अभियान के दौरान राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित हुक्कुम सिंह उनियाल के साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं और ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पीसीसीएफ जयराज सिंह, पूर्व पीसीसीएफ डॉ0आरबीएस रावत, गति फाउंडेशन के अनूप नौटियाल, चन्दन सिंह नेगी पर्यावरण विद्, प्रदीप कुमार निरीक्षक सीपीओ, फाउंडर ऑफ यूनिवर्सल रनर्स मैराथॉन की सोनी राव, रोहित नौटियाल, मयूर गुप्ता,नरेश कोेमेडिया,अनूप नौटियाल,अपने सपने संस्था के अरूण यादव,स्वामी चन्द्रा,मैती संस्था के संस्थापक कल्याण सिंह रावत, मीना रमोला,नरेन्द्र रमोला, नसा मुक्ति अभियान की संस्थापक कुशुम जोशी सहित स्कूलों के बच्चे व दी अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के लोग व पुलिस कर्मीयों ने भी बढ़-चढकर भाग लिया।