nipah

21 वी सदी के सूचना तकनीकी के समय भले ही इसान ने कई असाध्य बीमारियों का इलाज ढूड लिया हो लेकिन अभी भी मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कई एसे रोग है जिन से पार पाना उसके लिये चुनौती से कम नहीं है।लगभग हर साल कई नई बीमारियों जो विषाणु जनित होती है,जन्म ले रही है लेकिन इनका कोई उपचार अभी तक चिकित्सा विज्ञान में नहीं है।एड्स,इबोला और आजकल निपाह वायरस ने कई लोगों को समय से पहले ही मौत की नींद सुला दिया है।इसका अभी तक कोई कारगर इलाज संभव नहीं है। सिर्फ जागरूकता व जानकारी ही इसका इलाज है।

खतरनाक वायरस “निपाह” तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। इसका कोई ईलाज नहीं है और मरीज 24 घंटे के अंदर “कोमा” में चला जाता है। यह बीमारी संक्रमित सुअरों और चमगादड़ों द्वारा फैल रही हैं।

लक्षण;

1.बुखार
2.सिरदर्द
3.दिमागी संदेह (भ्रम)
4. उल्टियां
5. मांसपेशियों में दर्द
6. निमोनिया के लक्षण
7. हल्की बेहोशी
8. दिमागी सूजन

अपने आप को निम्न से सुरक्षित रखें

1.सुअरों से दूर रहें।

2.ऐसे फल न खाएं, जिन्हें पक्षियों ने काटा हो। फलों को बहुत सावधानी से खरीदें और बाहर के खुले में मिलने वाले जूस का सेवन जरा भी न करें।

3.खजूर न खाएं।

4.चमगादड़ों के आवास के आस पास भी न जाएं।

5.कोई भी यात्रा अत्यावश्यक हो तो ही करें, संभव हो तो न ही करें।

6.चूंकि यह virus अत्यधिक संक्रामक है, इसीलिए बाहर का कुछ भी न खाएं, न पिएं।

7.चूंकि यह सुअरों से भी फैलता है, इसीलिए मांसाहार से भी बचें और ऐसी जगहों से भी, जहां मांसाहार का क्रय विक्रय होता है।

8.अगर कोई भी व्यक्ति संक्रमित होता है, तो तुरंत उसे इंटेंसिव केअर दें और उनके इस्तेमाल की किसी भी वस्तु को अलग रखें।

ध्यान रखें कि जैव श्रृंखला प्रवेश करने वाला यह नवीनतम वायरस है। इसकी वैक्सीन और दवाइयां अभी प्रयोग के स्तर पर ही हैं।
Intensive Care के अलावा इसका फिलहाल कोई भी इलाज नही है ।