नीलकंठ महादेव,जागेश्वर,बागेश्वर मंदिर भी देवस्थानम एक्ट में जल्द होंगे सामिल-आचार्य ममगाई

देवस्थानम बिल विधान सभा में पास होन के बाद यह अब एक एक्ट की सक्ल ले चुका है,लेकिन इस एक्ट पर अभी भी तीर्थ पुरोहितों व हकहकूक धारियां का विरोध जारी है। वही चारधाम विकास परिषद् के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने अपने स्तीफे के बाद दुबारा से आज अपना पद सभाल लिया है। इस दौरान उन्होने एक प्रेस वार्ता कर कहा कि सरकार इस बिल में तीर्थ पुरोहित व हकहकूक धारियों के हितों को पूर्ववत ही रखेगी।मंदिर के अंन्दर की व्यवस्था पूर्ववत ही बनी रहेगी लेकिन मंदिर के बाहर की व्यवस्था जिसमें यात्रियों की सुविधाओं के लिए सड़कें बिजली,पानी,रखने व खाने आदि के लिए सरकार को करनी है। आपको बता दे कि  देवस्थानम बिल में ऋषिकेश स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर व कुमाउ मंण्डल के जागेश्वर व बागेश्वर महादेव मंदिर को सरकार जल्द सामिल करने जा रही है।
चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष और राज्यमंत्री आचार्य शिव प्रसाद ने कहा कि तीर्थ पुरोहितो व हकहकूक धारियों को अनावश्यक बयानबाजी और हुड़दंग के बजाय सीधे हम से बातचीत कर सकते है। सरकार की ओर से उनके लिए बातचीत के रास्ते हर हमेसा खुले हुये है।उन्होंने ने कहा कि हर बार चारधाम में आने वाले यात्रियों को किसी न किसी परेसानी से रूबरू होना पढता है।चारधाम ऑल वेदर रोड़ और रेलमार्ग के बनने से यहां पर तीर्थ यात्रियां व शैलानियां की संख्या में कई गुणा बढोत्तरी होनी तय है। इसलिए सरकार को यात्रीयों की उचित व्यवस्था के लिए यह बिल लाया गया है। जिसमें हक हकूकधारियों के किसी भी हक व पूजा प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ेगा।