कब करें कलश स्थापना? ताकि नवरात्रि पर मिले मनोवांक्षित फल जाने आचार्य शिवप्रशाद ममगाई से।

कब करें कलश स्थापना?
10 अक्टुवर से नवरात्र प्रारंभ हैं नवरात्रों में समस्या दूर करनें 4 उपाय जो आपकी चिन्ता करे दूर।


चिंता, तनाव व अशांति दूर करने के लिए दुर्गाजी का चित्र रक्त वस्त्र पर स्थापित कर, पंचोपचार पूजन कर लाल चन्दनकी माला से निम्नलिखित मंत्र का जाप करनें केपश्चात देवी के चरणों में निवेदन करे ।मंत्र-‘ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके,शरण्ये त्र्यम्बके गौरिनारायणि नमोस्तुते।।’2. जीवन में कामकाज व धन संबंधी बाधा दूर करने केलिए उसी प्रकार यह जपें-‘ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्य सुतान्वित:,मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।
10तारीक से नवरात्रि शुरू हैं इन ऋतुओं को यंमद्रष्टा कहा देवि भागवत नें विमारियों के दाँत खुल जाते हैं इसलिए अखंड दीप कलश स्थापन करना जरूरी है इऋतुओं को सन्ध्या भी कहते हैं प्रातः सन्ध्या वासन्तीय नवरात्रि व सायं सन्ध्या शारदीय नवरात्रि सन्ध्या करनी जरूरी मन और बुद्धि की रक्षा के लिए वैसे ही शरीर और मन की रक्षा के लिए नवरात्रि जरूरी जिससे पूरे परिवार व जुड़नें वाले लोंगो पशुओं तक की रक्षा होती है अब फोन और मेसेज आ रहे हैं कब घट स्थापन करें क्योंकि 10 तारीक को चित्रा नक्षत्र 11 बजे तक है, बैधृति 2 बदतर 5 मिनट तक है, काल योग भी है, और प्रतिपदा तिथि 7 बजकर26 मिनट प्रातः तक प्रतिपदा में ही कलश स्थापन होना चाहिए सब दोष निवृति के लिए अभिजित मुहूर्त 11/37से12/ 23 तक बहुत सुन्दर मुहूर्त है परन्तु प्रतिपदा तिथि का आभाव है इसलिए सूर्य उदय 6 बजकर 18 मिनट प्रातः हो रहे हैं 4 बजे प्रातः से 6 बजकर 18 मिनट तक ही ही शुभ मुहूर्त दीप प्रज्वलित घट स्थापन करने पर ही शुभ रहेगा सूर्योदय से पहले सारे दोष समाप्त हो जाते हैं वैसे माँ के सभी दिन घड़ी शुभ है माता तो अच्छा ही चाहती है फिर भी हम अपनी तरफ से अच्छा करें तो मन की शान्ति माँ प्रसन्नता ही होगी।।
-आचार्य शिवप्रसाद ममगाईं।