रूद्रप्रयागःनरभक्षी गुलदार का अंत।

कुलदीप राणा आज़ाद /रूद्रप्रयाग


भरदार क्षेत्र में आतंक का प्राय बने नर-भक्षी गुलदार को प्रख्यात शूटर जॉल हुकिल और लखपत रावत ने गोली मार दी है। हालांकि अभी गुलदार का शव नहीं मिला है लेकिन गोली लगने बाद गुलदार के खून के धब्बे और बाल जगह जगह जरूर मिल रहे हैं। इससे शूटरों ने दावा किया है कि अब आदमखोर गुलदार का अंत हो गया है।

दरअसल भरदार क्षेत्र में पिछले एक माह से आदमखोर गुलदार का आतंक बना हुआ था क्षेत्र के अलग-अलग गावों में गुलदार ने दो महिलाओं सहित तीन लोगों को अपना निवाला बना दिया था। हालांकि पिछले एक माह से प्रख्यात शिकारी लखपत रावत जॉल हुकिल नर-भक्षी गुलदार के खात्मे के लिए जंगलों की खाक छान रहे थे लेकिन कही भी पता नहीं चल पा रहा था। बीते शुक्रवार को पपडासू गांव की कौशल्या देवी को जब गुलदार ने अपना निवाला बनाया को शनिवार को गुलदार को मारने के लिए दोनों शूटरों द्वारा मचान बनाया गया। रात को जब यह गुलदार उस स्थान पर आया तो उसे गोली मार दी गई लेकिन गोली लगने बाद भी वह वहां से भाग गया।

सुबह जब गुलदार की ढूढ़ खोज की गई तो जगह जगह खून की धब्बे और गुलदार के बाल मिले। शूटर जॉल हुकिल का कहना है कि नरभक्षी गुलदार काफी शातिर किस्म का था जब रात को उस पर टॉर्च लगाई गई तो वह उछल गया जिस कारण गोली सिर की बजाय शरीर पर लग गई हालांकि अब गुलदार का बचना मुश्किल है। फिलहाल यह भरदार क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है।