कपकोट के मोहनराम ने दी स्वरोजगार की सीख

कोरोना संक्रमण के कारण करोड़ों लोंगों की नौकरी चले गई है जिससें उनके परिवारों पर रोजी रोटी का संकट बन आया है। लाॅकडाउन के कारण विभिन्न प्रदेशों से अपने अपने गांव पंहुचे युवाओं के लिए जहां रोजगार सबसे बड़ा संकट बना हुआ है वही प्रदेश के कई युवाओं ने संकट की इस घड़ी में परम्परागत स्व-रोजगार को अपना कर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया है। इन्हीं खास युवाओं में से एक है कपकोट के मोहन राम। कोरोना संक्रमण के बाद अपने गांव आये इस युवा ने रिंगाल से सुन्दर व आर्कषक समाग्री बनाकर बाजार में उपलब्ध कराई है। जिससे मोहन राम को अच्छी आय प्राप्त हो रही है।

कोरोना कहर के कारण गुजरात से अपने घर लौटे मोहन राम निवासी जगथाना(कपकोट)जनपद बागेश्वर के मूल निवासी है। लाॅकडाउन में नौकरी छूट जाने के कारण मोहन राम ने न सिर्फ बागेश्वर जिला को परम्परागत रिंगाल उद्योग का नया आयाम दिंया देकर स्वरोजगार अपनाया है,बल्कि गांव के बहुत से बेरोजगारों को भी रिंगाल से बने उत्पादों की ओर आर्कषित किया है। ताकि वह भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित हो सकें।