सिद्धसौड़ आदर्श विद्यालय में 8 टीचरों के पद खाली। शासन प्रसाशन मौन।

//रामरतन पंवार जखोली//

एक तरफ तो सरकार शिक्षा को मजबूत करने बात कर रही।वही दूसरी तरफ विद्यालयों मे शिक्षको के अभाव से शिक्षा कि स्तर दिन प्रतिदिन गिर रहा है।आलम यह है कि सरकार ने माॅडल इंटर मेडियेट कालेजों को माॅडल बना कर आदर्श स्कूलो का दर्जा तो दे दिया साथ ही छात्र छात्राओ के सामने परेशानियों का भी पहाड़ खड़ा कर दिया।
राजकीय इंटर कालेज सिद्धसौड़ को तो आदर्श विद्यालय का दर्जा तो ख़ाना पूर्ति करने के लिए सरकार ने वर्ष 2016 मे दे दिया लेकिन विद्यालयों मे दो वर्षो से
अध्यापकों के कई पद रिक्त चल रहे है ।प्रवक्ता जीव विज्ञान,हिन्दी,अर्थशास्त्र,सहायक अध्यापक गणित,हिन्दी,अंग्रेजी,विज्ञान तथा कृषि बिज्ञान सहित आठ पद रिक्त चल रहे है।पद न भरने के कारण छात्र छात्राओ के पठन-पाठन मे भारी परेशानिया हो रहीहै। वर्तमान समय मे विद्यालय मे 475 छात्र छात्राएँ अध्यनरत है इस विधालय मे ग्राम पंचायत टाट मुसाढुग जखोली, धरियाॅज, मुनादेवल, बड़मा, जखोली, किरोड़ा, डोभाल गाँव, सेम, घणतगाॅव, कुरछोला, चोपड़ा सहित लगभग एक दर्जन से अधिक गाँवो के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते है।अध्यापक अविभावक संघ की  अध्यक्षा मीना देबी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कोषाध्यक्ष सुन्दर सिह तथा संयुक्त सचिव राकेश पंवार का कहना है कि विद्यालय मे खाली पद भरने हेतु शिक्षा विभाग सहित शिक्षा मंत्री व मुख्य मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंप चुके है मगर आज तक विद्यालय मे शिक्षको के खाली पद नही भरे गये। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि विद्यालय मे शिक्षको के अभाव के चलते कई छात्र छात्राएँ पढने हेतु अन्यत्र स्कूलो मे चले गये तथा छात्र संख्या मे कमी आ गयी जिससे कि जनता मे आक्रोश बना है।क्षेत्रीय जनता का कहना है कि अगर सरकार ने विद्यालय मे यथाशीघ्र रिक्त चल रहे पदो को नही भरा तो समस्त क्षेत्रीय जनता के द्वारा उग्र आन्दोलन किया जायेगा।जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।