इस मंदिर में लगता है हर शनिवार भण्डारा…..पर कूडे का नही उचित प्रबंध

डोईवाला और देहरादून के बीच मणिमाई के मंदिर में यूं तो हर शनिवार भक्तों द्वारा भण्डारे का आयोजन किया जाता है। लेकिन भण्डारे के बाद कूडे के निस्तारण के लिए यहां कोई उचित व्यवस्था नही की गई है। यहां पर भण्डारे के बाद कूडे को मंदिर के पीछे एक स्थान पर डाल दिया जाता है जिसमें लगभग 95 प्रतिसत कूडा प्लास्टिक का होता है। क्योकि कूडे में खाने पीने की बस्तुयंे भी होती है। जिससे जंगली जानवर बंदर इतिआदि जगह जगह फैला कर वातावरण को प्रदूसित करते है।

कूडा बरसात के समय बह कर गंगा नदी में चला आता है। जिससे गंगा की स्वच्छता पर पलीता लग रहा है।

यह मामला इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील है कि यह क्षेत्र सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की विधानसभा क्षेत्र में है। और यदि मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही सफाई का यह आलम रहेगा तो सूबे के अन्य जिलों का हाल क्या होगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बात का भण्डारा आयोजकों को भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है कि यहां के कूडे को एक स्थान पर इक्कठा करने मात्र से ही जिम्मेदारी खत्म नही हो जाती बल्कि इसके लिए नगर निगम से या खुद के संसाधनों से कूडे को उचित स्थान पर पहुंचाया जाय तभी सही मायेने में भण्डारे का फल तभी मिल सकता है।

 

  -भानु प्रकाश नेगी