श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोविड व नाॅन कोविड मरीजों के लिए अलग अलग व्यवस्था

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोविड व नाॅन
कोविड मरीजों के लिए अलग अलग व्यवस्था
 सामान्य रोगियों की अस्पताल में बढ़ने लगी भीड़, पहले की तुलना में लोगों के बीच कोरोना का खौफ हुआ कम
 सितम्बर महीने की तुलना में घटी है कोविड-19 मरीजों की संख्या


देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कोविड व नाॅन कोविड मरीजों के उपचार के लिए प्रबन्धन ने अलग अलग व्यवस्था की हुई है। सामान्य मरीजों को अस्पताल में उपचार के लिए आने पर अलग-अलग बिल्डिंगों में उपचार दिया जा रहा है। यही कारण है कि पहले की तुलना में अब मरीज व उनके तीमारदारों को अस्पताल पहुंचने में संकोच नहीं हो रहा है। काबिलेगौर है कि सितम्बर का महीना कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिकोण से देहरादून व उत्तराखण्ड के लिए काफी भारी साबित हुआ था। नवम्बर आते आते कोविड-19 संक्रमण के मरीजों की संख्या में काफी कमी देखी जा रही है। यह जानकारी श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ अनिल कुमार धवन ने दी।
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ अनिल कुमार धवन ने जानकारी दी कि पहले की तुलना में अब कोरोना जाॅच करवाने वाले व पाॅजीटिव मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। इण्डियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की मोलीक्यूलर लैब को कोविड सैंपलों की जाॅच की अनुमति प्रदान की हुई है। लैब से जारी आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि नवम्बर माह में कोविड-19 संक्रमण के मरीजों की संख्या में कमी आई है। सितम्बर महीने मंे 339 कोविड पाॅजिटिव मरीज़ थे, जबकि अक्टूबर मंे 145 पाॅजीटिव व नवम्बर में अब तक 85 पाॅजीटिव मरीज़ दर्ज किये गए हैं।
गौर करने वाली बात यह भी है कि कोविड पाॅजीटिव मरीजों के घटते आंकड़ों के बीच सामान्य मरीज़ आॅपरेशन व अन्य उपचार के लिए आसानी से अस्पताल पहुंच रहे हैं।
वैसे भी मरीजों की सुविधा को देखते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने कोविड व नाॅन कोविड मरीजों के लिए अलग अलग व्यवस्था की है। न्यूरोलाॅजी, न्यूरो सर्जरी, यूराॅलाॅजी, गैस्ट्रोइंट्रोलाॅजी, समस्त ह्दय रोगों के उपचार, डायलसिस, स्तन एवम् एण्डोक्रीन सर्जरी, गुर्दे सम्बन्धि रोगों के उपचार, शिशु शल्य चिकित्सा, प्लास्टिक एवम् सौन्दर्य चिकित्सा जैसी सुपरस्पेशलिटी सेवाओं के मरीजों की संख्या मंे बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जनरल मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवम् प्रसूति रोग, शिशु रोग, नेत्र रोग, नाक कान गला रोग, दंत रोग, दंत रोग, फिजियोथेरेपी सहित हड्डी रोग के प्रोसीज़र व सर्जरी के लिए मरीज़ अस्पताल मंे पहुंच रहे हैं।
कोविड संक्रमण से बचाव के मद्देनज़र जागरूकता व सावधानी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग व सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए मरीज़ अस्पताल में सभी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। कोविड व नाॅन कोविड मरीजों के लिए अस्पताल में अलग अलग व्यवस्था है। मरीजों को बेवजह डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। गाइडलाइन का पालन करते हुए मरीज़ चिकित्सकीय परामर्श, आॅपरेशन व अन्य प्रोसीज़रों के लिए अस्पताल के डाॅक्टरों से सम्पर्क कर सकते हैं।
डाॅ अनिल कुमार धवन
चिकित्सा अधीक्षक
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