लोकगायिका रेखा धस्माना की संगीत पाठशाला के कायल हुए विद्यार्थी।

 

वर्तमान समय में शिक्षा पद्वित इतनी दबाव पूर्ण हो गई है कि विद्याथियों को घर से लेकर कक्षाओं तक तनाव झेलना पढ रहा है।इस तनाव को कम करने लिए और विलुप्त होते लोकसंगीत को जिन्दा करने के लिए भारत सरकार ने  हर राज्य में बच्चों को लोकसंगीत की कक्षायें आयोजित करने के लिए व्यवस्थायें की हैं।इसी क्रम में लोकगायिका  रेखा धस्माना उनियाल आजकल बच्चों को लोकसंगीत का प्रसिक्षण दे रही हैं। लोकसंगीत से अनविज्ञय होने और गढवाली न होने के बावजूद भी स्कूली बच्चों ने एक सप्ताह से भी कम समय में बहुत शानदार संगीत सीख लिया है।जिसमें मांगलगीत,थड्या,चौफूला,आदि सी जा रहे।