लाॅकडाउन में निखरा नीलम के हाथों का हुनर

  • ऽ अध्यापिका नीलम बिष्ट ने लाॅकडाउन में दिखाया अपने हाथों का हुनर।

    ऽ घर के कबाड़ से बना डाला बेहतरीन सजावटी सामान।

    ऽ पहाडी अनाजों पर नये प्रयोग कर बना रही है लजीज व्यंजन।

    ऽ सोशल मीडिया पर हो रही है नीलम के इस काम की जमकर प्रशंसा।


-भानु प्रकाश नेगी



देहारादून-कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे विश्व के 185 देशों को लाॅकडाउन किया गया है।भारत में लाॅकडाउन के बावजूद यह बीमारी लगातार फैलती जा रही है। हाॅलकि उत्तराखंड में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति चिन्ताजनक नहीं है,लेकिन सरकार ने एतिहात के तौर पर यहां पर भी पूरी सर्तकता को देखते हुऐ लाॅकडाउन का पालन करने आदेश दिये है।ऐसे में लगभग दो माह से अपने अपने घरों में कैद लोगों को समय काटना मुस्किल हो रहा है।लेकिन ऐसे मुस्किल दिनों में कुछ हुनरमंद लोग समय का पूर्ण सद्प्रयोग कर लाॅकडाउन का पूरा मजा ले रहे है,इन्हीं में से एक है पौड़ी जनपद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्वाडू में सहायक अध्यापिका नीलम बिष्ट, जिन्हें अपने देहरादून स्थित घर में लाॅकडाउन के कारण रूकना पड़ा।कुछ समय घर मंे बिताने के बाद नीलम को समझ आया कि क्यों ना समय का सद्पयोग कर घर के स्टोर में पड़े कबाड से कुछ कलाकारी कर घर का सजावटी सामान बनाया जाय।उनका कहना है कि, प्रत्येक इंसान में कुछ न कुछ हुनर और काबलियत होती है,वो अलग बात है कि भाग-दौड़ भरी इस जिन्दगी में लोगों को समय नहीं मिल पाता है।आजकल लाॅकडाउन में लोगों को समय मिल रहा है तो वह अपने हुनर को संवार पा रहे है।

कुकिंक और कलाकारी का है खास शौक

मेरा बचपन से ही कुकिंग और घरों में पड़ी बेकार बस्तुओं को संवार कर सजावट की चीजें बनाने का रहा है। मै चाहती हूंॅ कि मेरी तरह सभी लोग जो कला आदि का शौक रखते है,वह घर में बेकार पडी चीजों को सजाकर समय का सदप्रयोग करें और नकारात्मक विचारों को त्याग कर सकारात्मक विचारों को अपनायें।

घर के खाली पड़े कबाड़ से बना दिया सुन्दर आर्कषक सजावटी सामान

नीलम बिष्ट अपने घर में खाली पडे तेल के डिब्बे को जहां गणेश व हाथी की शक्ल दे रही है,तो वही पहाड़ों में उगाई जाने वाली जैविक सूखी लम्बी लौंकी पर पेटिंग बना कर उसे खूबसूरत सजावटी सामान बना दिया है। बेजन और कदमों तले रौंदे जाने वाले पत्थरों को पेंन्ट कर तितली का आकार मिला तो,बेजान मिट्टी की हांॅिडयों को पुरूष व महिला की शक्ल, और खाली पड़ी कोल्ड ड्रिक की बोतलों को खरगोश का आकार। नीलम का कहना है कि, घर की बेकार पड़ी चीजों को सजाकर आक्रर्षक बनाना उन्हें आत्मसंतुष्ठि देता है।उनके इस काम में उनके घर के सभी सदस्य भरपूर सहयोग देते है।

 

कुकिंग में विशेंष रूचि रखने वाली नीलम बिष्ट आजकल पहाड़ी परम्परागत अनाजों से नये-नये प्रयोग कर अलग-अलग तरह के स्वादिस्ट लजीज व्यंजनों को बनाकर पहाड़ी व्यंजनों का सोशल मीडिया के माध्यम से खूब प्रचार प्रसार भी कर रही है। उनका कहना है कि, कला चाहे खाना पकाने की हो या बेकर पड़ी चीजों को सजाने और संवारने की उसका सदपयोग समय रहते अवश्य करना चाहिए।