लोकल मार्केट पर फोकस करने वाले स्टार्ट-अप को प्राथमिकता

लोकल मार्केट पर फोकस करने वाले स्टार्ट-अप को चिन्हीकरण में प्राथमिकता प्रदान करें।’’ मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने यह निर्देश राज्य स्टार्ट-अप काउंसिल की बैठक में सम्बन्धित सदस्यों को दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी स्टार्ट-अप को जरूरी वित्तीय सहयोग प्रदान करें साथ ही कृषि, हर्बल, स्वास्थ्य, टूरिज्म जैसे राज्य आधारित सेक्टर में स्टार्ट-अप को अधिक फोकस करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जिन इक्यूबेटर्स को मान्यता दी जा रही है वे सभी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से क्रियान्वित भी हो जाने चाहिए। उन्होंने आईआईटी रुड़की को जीआईएस आधारित एप्लीकेशन में राज्य को सहयोग करने के क्षेत्र में काम करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने काउंसिल की नियमित बैठक आयोजित करते रहने तथा स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के मार्ग में आने वाली बाधाओं की समुचित पहचान करते हुए उनका समय से निराकरण करने एवं राज्य के विश्व विद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों को इक्यूबेटर स्थापना हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये जिससे राज्य में स्टार्ट अप का बेहतर माहौल लगातार बना रहे।
निदेशक उद्योग श्री सुधीर नौटियाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से काउंसिल से जुड़े सदस्यों को अवगत कराया कि राज्य में कुल 83 स्टार्ट-अप की पहचान की गई है तथा स्टार्ट-अप नीति- 2018 के अनुसार अब तक 14 फर्मों को वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा चुका है। स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिये एजुकेशन संस्थानों में बूट कैम्प के माध्यम से स्टार्ट-अप को तराशने में मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप के अन्तगर्त इस वर्ष आइडिया ग्रैंड चैलेन्ज वर्चुअल के माध्यम से आयोजित किये जायेंगे तथा उत्तराखण्ड स्टार्ट-अप नीति- 2018 के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के सर्वश्रेष्ठ 10 स्टार्ट-अप को 50 हजार प्रति स्टार्ट-अप पुरस्कार दिया जायेगा साथ ही उस स्टार्ट-अप को बिजनेस कम्पनी बनाने में भी पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा।
बैठक में काउंसिल के सदस्यों द्वारा राज्य में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने तथा इसके स्थापना के मार्ग में आने वाली व्यावहारिक, वित्तीय तथा अन्य बाधाओं के निराकरण के सम्बन्ध में बहुमूल्य सुझाव भी साझा किये