लेह व लद्दाक में बागवानी व नगदी फसलों की भारी संभावनायें

उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र हिमनी और घेस में अपने हुनर से पहाड़ी किसानों में स्वरोजगार की अलग जगाने वाले कृर्षि विशेषज्ञ सुरेश पप्पू भाई हॉल ही में जम्मू कश्मीर से अलग हुऐ लेह लद्दाक के लगभग 450 गांवों का भ्रमण कर आयें । पप्पू भाई का कहना है कि कारगिल से लेकर लद्दाक तक बागवानी और नगदी फसलों की भारी संम्भावनायें है। इसके लिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट भी तैयार कर दिया और अगले साल जुलाई तक सकारात्मक परिणाम की पूरी संभावनायें है। आपको बता दे कि सुरेश भाई पप्पू के घेस मॉडल का पूरे देश में चर्चा हुई थी जिसमें उन्होंने किसानों के साथ मटर की करोड़ों रूप्ये की फसल तैयार की और अब सेब के बगीचे भी यहां तैयार हो गये है।