आखिर कब मिलेगा कोरानेसन अस्पताल को रेडियोलोजिस्ट???

-रेडियोंलोजिस्ट की तैनाती न होने से कोरोनेशन अस्पताल में मरीजों को हो रही है परेसानी-डाॅ. एल सी पुनेठा

-पिछले कई महीनों से रिक्त है रेडियोलोजिस्ट का पद खाली।

 -शासन को कई बार अवगत कराने पर भी नही हो पा रही है तैनाती।ऽ

-गर्भवती महिलाओं को हो रही है खासी दिक्कत।

 -सीएमएस डाॅ पुनेठा ने जताई नारजगी। 

– शासन पर उठे सवाल अपने खास कर्मचारी की तैनाती है इंतजार?

देहरादून, कोरोनेसन अस्पताल में पिछले कई महीनों से रेडियोलोजिस्ट न होने के कारण मरीजों को भारी परेसानियों का  समाना करना पड रहा है। दिनों-दिन बडती ओपीडी के कारण यहां मरीजों को अल्ट्रासाउंड,एक्सरे के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड रहा है। दून अस्पताल में आये मरीजों को उचित उपचार न मिलने के कारण कोरोनेसन अस्पताल पर दबाव बड गया है। यहां आये दिन मरीजों की संख्या बडती जा रही है। सीएमएस एल सी पुनेठा का कहना है कि अस्पताल में प्रति दिन की ओपीडी आठ सौ से ज्यादा दर्ज की जा रही है,जिसमें गर्भवती महिलायें भी सामिल है। रेडियोलाॅस्टि की तैनाती नही होने के कारण विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं को परेसानियों का सामना करना पड रहा है।

 

शासन-प्रसासन को इस विषय में कई बार अवगत कराने पर भी रेडियोलोेजिस्ट की तैनाती नही की जा रही है जबकि मंसूरी में एक ही अस्पताल में तीन-तीन रेडियोलोजिस्ट तैनात है। चिकित्सा विभाग के अधिकतर अधिकारियों का कहना है कि कोरोनेशन अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट की तैनाती इसलिए नही हो पा रही है कि शासन अपने पसंदीदा कर्मचारी को इस पद पर तैनात करना चाहते है।गौरतलब है कि दून अस्पताल के मेडिकल काॅलेज में तब्दील होने से आम आदमी का अस्पताल माने जाने वाले दून अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्थायंे फैल गई है। पिछले दिनों दिल्ली से आयी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण में एम.आर.आई,मैमोग्राफी,सहित कई मशीनों में तकनीकी खराबी पायी गई थी जिसके कारण दून अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवालिया निसान लग गये है। विशेषज्ञ डाॅक्टरों और बुद्विजीवियों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार का दून अस्पताल को मेडिकल काॅलेज में परिवर्तित करना बहुत गलत फैसला था। जिसके कारण पूरे प्रदेश का सबसे बडे सरकारी अस्पताल की व्यवस्थायें चरमरा गई है और आम आदमी दर दर भटकने के लिए मजबूर है। जिसका सीधा असर कोरोनेसन अस्पताल पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।